
थानेसर, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 11 अप्रैल : श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के मार्गदर्शन में सात दिवसीय ‘प्रभाषणम्’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आयुर्वेद अकादमी, बैंगलोर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के माध्यम से आयुर्वेद के मूल ग्रंथों की गहराई से समझ विकसित करने और उनके व्यवहारिक उपयोग से परिचित कराना है। कार्यक्रम में स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है, जहां विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, शास्त्रार्थ और प्रायोगिक सत्रों के माध्यम से आयुर्वेदिक ज्ञान को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। विशेषज्ञों में डॉ. संकेत वी शर्मा, डॉ. विकास कुमार, डॉ. समयाम एस.जी., डॉ. शांतनु अनिल पाटिल, डॉ. कृतिका यू.एस., डॉ. शिल्पा पांडे, डॉ. पंचमी के भट्ट व डॉ. विष्णुप्रिया शामिल हैं। इस अवसर पर आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता ने कहा कि आयुर्वेद के मूल ग्रंथों की वास्तविक समझ संस्कृत के माध्यम से ही संभव है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को शास्त्रीय ज्ञान को व्यवहार में उतारने और आयुर्वेद को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करते हैं। आयुर्वेद संहिता एवं सिद्धांत विभागाध्यक्ष प्रो. कृष्ण कुमार ने बताया कि ‘प्रभाषणम्’ विद्यार्थियों के लिए एक अनूठा मंच है, जहां वे संस्कृत में दक्षता प्राप्त करते हुए आयुर्वेद के सिद्धांतों को मूल रूप में समझ सकेंगे। यह पहल पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में सशक्त बनाने और आयुर्वेद शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस अवसर पर प्रो. राजेंद्र चौधरी, डॉ. रामानंद सैनी, डॉ. सीमा वर्मा समेत अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।


