पीएम विश्वकर्मा योजना से कारीगरों और शिल्पकारों के हुनर को मिल रही नई पहचान : विश्राम कुमार मीणा

कुरुक्षेत्र,प्रमोद कौशिक/ संजीव कुमारी 14 जुलाई : उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि शिल्पकार व कारीगर समाज के नवनिर्माण में अपना बहुमूल्य सहयोग देते हैं। शिल्पकारों व कारीगरों के हुनर को सम्मान देते हुए केंद्र सरकार की ओर से पीएम विश्वकर्मा योजना चलाई जा रही है, जिससे उनके हुनर को पहचान मिल रही है।
उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना भारत की पारंपरिक कला और शिल्पकला को जीवित रखने और देश के कारीगरों और शिल्पकारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में सहायक है। पीएम विश्वकर्मा योजना का मुख्य लक्ष्य कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों की पहुंच को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक बढ़ावा देना और उनकी गुणवत्ता में सुधार लाना है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना कि वे घरेलू और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ एकीकृत हों। यह योजना पूरे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता प्रदान करती है। पात्र आवेदक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर मोबाइल सत्यापन और आधार ई-केवाईसी के माध्यम से पीएम विश्वकर्मा योजना पोर्टल पर पंजीकरण करके पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत 18 विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है, जिनमें नाव बनाना, शस्त्राकार, लुहार, हथौड़ा व लोहे के औजार बनाना, ताला बनाना, सुनार, कुंभकार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी, सुथार, चटाई बनाना, गुडिया व खिलौने बनाना, बारबर, धोबी, दर्जी और मछली पकडऩे के लिए जाल बनाने का काम आदि शामिल है। उन्होंने योजना के पात्र सभी कारीगरों को आह्वान किया कि वे तुरंत इस योजना को लेकर अपना रजिस्ट्रेशन करें और लाभ उठाएं।
पीएम-विश्वकर्मा योजना से श्रमिकों के बच्चों को इस प्रकार मिलता है लाभ।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि पीएम-विश्वकर्मा योजना के तहत श्रमिक की बेटी के लिए जो कॉलेज पढ़ती है, उसको इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए 50 हजार रूपए तथा श्रमिक को साइकिल खरीदने के लिए पांच हजार रुपए दिए जाते हैं। इसी प्रकार से महिला श्रमिक को सिलाई मशीन खरीदने के लिए 4500 रुपए, श्रमिक के स्कूल जाने वाले बच्चों को 9वीं तथा 10वीं और आईटीआई व डिप्लोमा के विद्यार्थियों को 10 हजार रुपए दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को 12 हजार रुपए दिए जाते हैं।
इसी प्रकार से बीए, पॉलिटेक्निक, डिप्लोमा, सीए, एएनएम, जीएनएम, अंडर ग्रेजुएट डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों को 15 हजार रुपए का लाभ दिया जाता है। फार्मेसी व इंजीनियरिंग डिग्री वाले विद्यार्थियों को 20 हजार रूपए तथा एमबीबीएस, बीएएमएस व बीडीएस करने वाले छात्र- छात्राओं को 21 हजार रुपए वार्षिक लाभ इस योजना के तहत दिया जाता है। इस योजना के तहत, विश्वकर्मा भाई-बहनों को 3 लाख तक का बिना गारंटी ऋण की सुविधा, 15 हजार रुपये तक की टूलकिट सहायता राशि, कौशल विकास के लिए ट्रेनिंग के साथ ही प्रतिदिन 500 रुपये स्टायफंड, उत्पादों के लिए क्वालिटी सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग सहायता सुनिश्चित कर उन्हें आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बना रही है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से केंद्र सरकार विश्वकर्मा भाई-बहनों को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोडऩे की दिशा में प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

VV NEWS

राष्ट्रीय कार्यालय रमाकान्त पाण्डेय(गोपालपुरी) संरक्षक/संस्थापक ग्राम व पोस्ट- गोपालपुर (टावर) थाना व तहसील- मेहनगर जिला-आजमगढ़, उत्तर प्रदेश पिंन कोड़-276204 मोबाईल-9838825561,7054825561 हेंड कार्यालय/प्रशासनिक कार्यालय जितेंद्र पटेल (प्रमुख संपादक/प्रशासनिक संपादक) ग्राम व पोस्ट- 495668 थाना व तहसील-जांजगीर जिला-जांजगीर (छत्तीसगढ) पिंन कोड़-495668 मोबाईल-6265564514

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सोच को धरातल पर उतार रहा हरियाणा कला परिषद

Tue Jul 14 , 2026
महेश जोशी के नेतृत्व में कला कीर्ति भवन में स्वच्छता अभियान। कुरुक्षेत्र,प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 14 जुलाई : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा पंचकुला से प्रारम्भ किये गए स्वच्छता से स्वागत अभियान के अंतर्गत हरियाणा कला परिषद की ओर से भी एक विशेष और अनुकरणीय पहल की गई है। हरियाणा के […]

You May Like

Breaking News

advertisement