
व्याख्याताओं से पीछे कर दी वरिष्ठता।
डीएसई हरियाणा को भेजी गई विस्तृत आपत्तियां, नियम-11 के अनुसार वरिष्ठता बहाल करने की मांग।
विस्तृत जानकारी : प्राध्यापक भौतिकी विज्ञान शिव कारण।
कुरुक्षेत्र,प्रमोद कौशिक 14 जुलाई : हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा जारी पीजीटी (RoH कैडर) वर्ष 2026 की अस्थायी वरिष्ठता सूची को लेकर नया विवाद सामने आया है। रसायन विज्ञान (Chemistry) एवं भौतिक विज्ञान (Physics) व्याख्याताओं ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा, हरियाणा (डीएसई) को विस्तृत कानूनी आपत्तियां भेजते हुए आरोप लगाया है कि उनकी वरिष्ठता विभागीय नियमों के विपरीत निर्धारित की गई है।
व्याख्याताओं का कहना है कि उन्हें वर्ष 2008 में पदोन्नति के माध्यम से व्याख्याता बनाया गया था, जबकि वर्तमान अस्थायी वरिष्ठता सूची में उनसे ऊपर स्थान प्राप्त कई अंग्रेजी, हिंदी, पंजाबी एवं अन्य विषयों के व्याख्याताओं की नियुक्तियां दिसंबर 2008 तथा जनवरी 2009 में हुई थीं।
उनका आरोप है कि विभाग ने पहले उनकी व्यक्तिगत सुनवाई के बाद आपत्तियां स्वीकार कर 2009 की वरिष्ठता में सुधार किया, लेकिन 2019 की वरिष्ठता सूचि में बिना किसी स्पष्ट कारण के पुनः उनकी वरिष्ठता फिर से पीछे कर दिया गया।
नियम-11 के आधार पर वरिष्ठता निर्धारित करने की मांग
आपत्तियों में हरियाणा राज्य शिक्षा सेवा नियम, 1998 एवं 2012 के नियम-11 का हवाला देते हुए कहा गया है कि वरिष्ठता का निर्धारण सामान्यतः निरंतर सेवा (Continuous Service) के आधार पर किया जाना चाहिए।
व्याख्याताओं का आरोप है कि विभाग ने पहले स्वीकार किए गए वरिष्ठता निर्धारण को बिना किसी कारणयुक्त आदेश या स्पीकिंग ऑर्डर के बदल दिया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों एवं स्थापित सेवा नियमों के विपरीत है।
विभाग से की गई प्रमुख मांगें
• नियम-11 के अनुसार वरिष्ठता सूची का पुनर्निर्धारण किया जाए।
• विभाग द्वारा पूर्व में स्वीकार की गई संशोधित वरिष्ठता को बहाल किया जाए।
• अंतिम वरिष्ठता सूची जारी करने से पूर्व सभी प्रभावित व्याख्याताओं को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया जाए।
• प्रत्येक आपत्ति पर विस्तृत एवं कारणयुक्त स्पीकिंग ऑर्डर पारित किया जाए।
• संशोधित वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति एवं अन्य सभी सेवा लाभ प्रदान किए जाएं।


