
बेटे ने दिया जीवनदान: मैक्स हॉस्पिटल लखनऊ में सफल लिवर ट्रांसप्लांट से पिता को मिली नई जिंदगी
आजमगढ़/लखनऊ, 15 अप्रैल 2026:
हिम्मत, उम्मीद और आधुनिक चिकित्सा का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहां मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ के डॉक्टरों ने जटिल लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी के जरिए 52 वर्षीय मरीज को नया जीवन दिया। खास बात यह रही कि मरीज को जीवनदान उसके 22 वर्षीय बेटे ने अपने लिवर का हिस्सा दान कर दिया।
आजमगढ़ के सीताराम क्षेत्र निवासी श्री अजीजुल्लाह खान पिछले तीन वर्षों से हेपेटाइटिस बी के कारण डिकम्पेन्सेटेड क्रॉनिक लिवर डिजीज से जूझ रहे थे। उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। पीलिया, पेट में पानी भरना, बढ़ा हुआ बिलीरुबिन स्तर, कम प्लेटलेट काउंट और गंभीर कमजोरी जैसे लक्षण सामने आ रहे थे। साथ ही पोर्टल हाइपरटेंशन के चलते उन्हें बार-बार खून की उल्टियां भी हो रही थीं। जांच में पोर्टल वेन थ्रॉम्बोसिस यानी लिवर की मुख्य नस में थक्का भी पाया गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई थी।
स्थिति गंभीर होने पर उन्हें मैक्स हॉस्पिटल, लखनऊ में लिवर ट्रांसप्लांट के लिए रेफर किया गया, जहां डॉ. वलीउल्लाह सिद्दीकी (डायरेक्टर, हेपेटो-पैनक्रिएटो-बिलियरी एंड लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी) की टीम ने इलाज की जिम्मेदारी संभाली।
इस दौरान मरीज के 22 वर्षीय बेटे यूसुफ खान ने निस्वार्थ भाव से अपने लिवर का एक हिस्सा दान करने का फैसला लिया। कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी, साइकियाट्री, न्यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी सहित विभिन्न विभागों की विस्तृत जांच के बाद दोनों को सर्जरी के लिए उपयुक्त पाया गया।
डॉ. वलीउल्लाह सिद्दीकी ने बताया कि मरीज की स्थिति काफी जटिल थी, क्योंकि उन्हें हेपेटाइटिस बी से जुड़ी सिरोसिस के साथ पोर्टल वेन थ्रॉम्बोसिस भी था। साथ ही डोनर की बाइल डक्ट संरचना भी जटिल थी, जिसके चलते सर्जरी के दौरान दो डक्ट्स को जोड़ना पड़ा। इसके बावजूद करीब 650 ग्राम वजन वाला राइट लोब सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया और सर्जरी बिना किसी बड़े ब्लड ट्रांसफ्यूजन के पूरी हुई।
ऑपरेशन के बाद डोनर और मरीज दोनों की रिकवरी अच्छी रही। डोनर को पांच दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल गई, जबकि मरीज को भी वेंटिलेटर से जल्द हटा दिया गया और दसवें दिन स्थिर हालत में डिस्चार्ज कर दिया गया। वर्तमान में मरीज की स्थिति सामान्य है, बिलीरुबिन स्तर और प्लेटलेट काउंट में सुधार हुआ है तथा लिवर फंक्शन स्थिर हैं।
यह सफल सर्जरी न सिर्फ मैक्स हॉस्पिटल, लखनऊ की उन्नत चिकित्सा सुविधाओं को दर्शाती है, बल्कि समय पर इलाज, अंगदान और विशेषज्ञों की टीम वर्क की अहमियत को भी रेखांकित करती है।

