
जल संरक्षण पखवाड़ा के अंतर्गत एसवीएसयू सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित।
पलवल, प्रमोद कौशिक 27 अप्रैल : श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहे जल संरक्षण पखवाड़ा के अंतर्गत सोमवार को विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु पोस्टर मेकिंग, स्लोगन एवं जिंगल राइटिंग तथा वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रार्थना सभा में सभी विद्यार्थियों ने जल संरक्षण हेतु सहयोग करने और जन जागरण करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में कक्षा 6 की हिमांशी ने प्रथम स्थान, सुहाना ने द्वितीय स्थान तथा गौरव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्लोगन एवं जिंगल राइटिंग प्रतियोगिता में कक्षा 10 की नंदिनी ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि कक्षा 9-ए की चित्रा कौशिक आदित्य संयुक्त द्वितीय तथा कक्षा 9-बी के यश कुमार तृतीय स्थान पर रहे। “क्या विकास और जल संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं?” – विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता में दो टीमों के बीच रोचक मुकाबला हुआ। जिसमें टीम ‘ए’ विजेता रही। इस टीम में तुषार, प्रतिष्ठा, कनिका, प्रिंस एवं तनिष्क शामिल रहे। टीम बी का नेतृत्व 12वीं की छात्रा तेजस्वी ने किया। इस अवसर पर मुख्य विशेषज्ञ के रूप में सेवानिवृत्त प्राचार्य महेंद्र प्रसाद सिंगला उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का मूल आधार है। हमें इसकी प्रत्येक बूंद का संरक्षण करना चाहिए, क्योंकि भविष्य की पीढ़ियों का अस्तित्व इसी पर निर्भर करता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य सतेन्द्र सौरोत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, जल संरक्षण केवल एक सीमित समय का अभियान नहीं, बल्कि हमारी दैनिक आदतों का हिस्सा होना चाहिए। छोटे-छोटे प्रयासों से हम बड़े बदलाव ला सकते हैं, हर इंसान को जल एवं पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेवारी अपने ऊपर लेनी चाहिए।


