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कुरुक्षेत्र,28 अप्रैल : श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय और प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, माउंट आबू के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता स्वास्थ्य सेवाओं में मानसिक शांति, तनाव प्रबंधन और नैतिक मूल्यों के समावेश की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

कार्यक्रम में माउंट आबू मुख्यालय से पधारे मेडिकल विंग के संयुक्त सचिव डॉ. सचिन परब, कुरुक्षेत्र सेंटर इंचार्ज राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरोज बहन जी, कुलपति प्रोफेसर वैद्य करतार सिंह धीमान ,रजिस्ट्रार डॉ कृष्णकांत, प्रिंसिपल डॉ. आशीष मेहता तथा रिसर्च डायरेक्टर डॉ. दीप्ति सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
एम.ओ.यू के अंतर्गत स्वास्थ्य कर्मियों को मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों पर आधारित विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ‘विहासा’ (VIHASA) कार्यक्रम को प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से सत्रों, कार्यशालाओं एवं सेमिनारों के रूप में संचालित किया जाएगा। जिससे छात्रों में सकारात्मक सोच के साथ अनेक जीवन कौशल विकसित होंगे।
मुख्य वक्ता डॉ. सचिन परब ने अपने संबोधन में कहा कि यह समझौता केवल संस्थागत सहयोग नहीं, बल्कि विश्व कल्याण की दिशा में एक सशक्त कदम है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद जहां शरीर को स्वस्थ रखने का ज्ञान देता है, वहीं राजयोग मन, बुद्धि और संस्कारों का शुद्धिकरण करता है। इन दोनों का समन्वय जीवन को संतुलित और सार्थक बनाता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल से विद्यार्थियों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सभी उपस्थितजनों को मेडिटेशन की गहन अनुभूति भी करवाई।
कुलपति प्रोफेसर वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि यह एम. ओ .यू विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कारगार साबित होगा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह समझौता आयुष विश्वविद्यालय के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। सरकार और ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा उठाया गया यह कदम सकारात्मक सोच और समाजहित की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। यह पहल भविष्य में स्वास्थ्य और आध्यात्म के समन्वय का एक नया अध्याय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।


