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वृन्दावन,18 मई : छटीकरा रोड़ स्थित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आश्रम में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर अष्टदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ प्रारम्भ हो गया है।

महोत्सव का शुभारंभ गाजे-बाजे के मध्य निकाली गई श्रीमद्भागवतजी की भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ।जिसमें देश-विदेश के अनेकों भक्त-श्रद्धालु श्रीराधा- कृष्ण की महिमा से ओतप्रोत भजनों पर नाचते-झूमते हुए शामिल हुए। तत्पश्चात यजमान परिवार के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य श्रीमद्भागवत ग्रंथ एवं व्यासपीठ का पूजन-अर्चन किया गया।

व्यासपीठ से प्रख्यात भागवत विदुषी कीर्ति किशोरी ने अपनी सुमधुर वाणी के द्वारा समस्त भक्तों-श्रृद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म्य की कथा श्रवण कराते हुए कहा कि अखिल कोटि ब्रह्माण्ड नायक परब्रह्म परमेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का शब्द स्वरूप ग्रंथ श्रीमद्भागवत महापुराण साक्षात कल्पवृक्ष के समान है।इसका आश्रय लेने वाले व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।साथ ही उनके सभी पापों का क्षय हो जाता है।
श्रद्धेय कीर्ति किशोरी ने कहा कि श्रीमद्भागवत में समस्त धर्म ग्रंथों का समावेश है।क्योंकि महर्षि वेदव्यासजी महाराज ने सभी ग्रंथों की रचना करने के बाद श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना की थी।इसीलिए इसे पंचम वेद माना गया है।वस्तुत: मनुष्य की मोक्ष प्राप्ति का यदि कोई सर्वोत्तम मार्ग है, तो वो श्रीमद्भागवत महापुराण है।
कार्यक्रम के अंतर्गत व्यासपीठ पर आसीन भागवत विदुषी कीर्ति किशोरी, प्रख्यात साहित्यकार “यूपी रत्न” डॉ. गोपाल, संस्कृत के प्रकांड विद्वान आचार्य नेत्रपाल शास्त्री, गौरी शंकर धाम के अध्यक्ष डॉ. शिवम साधक एवं प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. सतेन्द्र कुमार जोशी द्वारा “श्रीकृष्ण कीर्ति पत्रिका” के नवीन अंक का विमोचन किया गया।
इस अवसर पर महोत्सव के मुख्य आयोजक दीपक लोहिया, श्रीमती नूपुर लोहिया, आध्यात्मिक पत्रकार डॉ. राधाकांत शर्मा, एवं आचार्य बृजेन्द्र तिवारी आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


