
डिजिटल लाइब्रेरी और आईसीटी आधारित शिक्षा पर विशेष जोर, आनलाईन आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित।
थानेसर,प्रमोद कौशिक/ संजीव कुमारी 2 जून : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है। विभाग पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभागाध्यक्ष प्रो. संजीव शर्मा ने बताया कि विभाग में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), डिजिटल लाइब्रेरी, सूचना प्रबंधन, शोध सहायता सेवाओं तथा उभरती तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। विभाग में विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में आधुनिक पुस्तकालय प्रणालियों और सेवाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही आईसीटी-सक्षम शिक्षण सुविधाएं, कंप्यूटर प्रयोगशाला, ई-संसाधनों तक पहुंच तथा शोध एवं प्रशिक्षण के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाता है।
प्रो. संजीव शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा बी.लिब.आई.एससी./एम.लिब.आई.एससी. प्रथम वर्ष कार्यक्रम में 40 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या स्नातकोत्तर परीक्षा में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। प्रथम वर्ष पूरा करने पर विद्यार्थियों को बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस (बी.लिब.आई.एससी.) की डिग्री प्रदान की जाएगी, जबकि दो वर्षीय कार्यक्रम पूर्ण करने पर मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस (एम.लिब.आई.एससी.) की डिग्री मिलेगी। इसके अतिरिक्त एम.लिब.आई.एससी. एक वर्षीय (लेटरल एंट्री) कार्यक्रम में 18 सीटें उपलब्ध हैं। इसमें प्रवेश के लिए बी.लिब.आई.एससी. में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक होना आवश्यक है। पाठ्यक्रम पूर्ण करने पर विद्यार्थियों को एम.लिब.आई.एससी. की डिग्री प्रदान की जाएगी।
प्रो. संजीव शर्मा ने बताया कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय पुस्तकालयों, डिजिटल लाइब्रेरी, सूचना केंद्रों, शोध संस्थानों, प्रलेखन केंद्रों, कॉरपोरेट नॉलेज सेंटर तथा सार्वजनिक पुस्तकालयों में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। विद्यार्थी लाइब्रेरियन, सहायक लाइब्रेरियन, सूचना वैज्ञानिक, प्रलेखन अधिकारी, नॉलेज मैनेजर, डिजिटल लाइब्रेरी प्रोफेशनल तथा रिसर्च सपोर्ट प्रोफेशनल के रूप में अपना करियर बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रमों को आधुनिक स्वरूप दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों को रोजगार एवं शोध के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने इच्छुक अभ्यर्थियों से सत्र 2026-27 के लिए समय रहते आवेदन करने का आह्वान किया है।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि विभाग में आईसीटी-सक्षम कक्षाएं, इंटरनेट सुविधा से युक्त कंप्यूटर प्रयोगशाला, समृद्ध विभागीय पुस्तकालय, ई-रिसोर्स एवं डिजिटल डेटाबेस तक पहुंच, सेमिनार एवं कार्यशाला सुविधाएं तथा अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध है। इसके अलावा विद्यार्थियों को इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण के अवसर, कौशल आधारित शिक्षण तथा शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास गतिविधियों से भी जोड़ा जाता है। इस संबंध में अधिक जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।


