
निजामाबाद के समग्र विकास को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन।
आजमगढ़। ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगरी निजामाबाद के समग्र विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा विरासत संरक्षण की मांग को लेकर समाजसेवी अरुण कुमार मिश्र ‘लालू’ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में निजामाबाद को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं शिल्पगत विशेषताओं के आधार पर मॉडल हेरिटेज टाउन के रूप में विकसित करने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि तहसील मुख्यालय होने के बावजूद निजामाबाद आज भी जर्जर सड़कों, अपर्याप्त पेयजल व्यवस्था, कमजोर प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता संबंधी समस्याओं तथा व्यापार एवं पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु आवश्यक संसाधनों के अभाव से जूझ रहा है। विश्वविख्यात ब्लैक पॉटरी कला, धार्मिक स्थलों एवं साहित्यिक विरासत के लिए प्रसिद्ध होने के बावजूद क्षेत्र अपेक्षित विकास से वंचित है।
ज्ञापन के माध्यम से गदुली-निजामाबाद एवं रानी की सराय-निजामाबाद मार्ग के चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण, ब्लैक पॉटरी कलाकारों के लिए स्थायी विपणन केंद्र एवं शिल्प हाट की स्थापना, निजामाबाद बाजार से मां शीतला धाम तक सड़क निर्माण एवं प्रकाश व्यवस्था, तहसील परिसर में आरओ शीतल पेयजल संयंत्र लगाने तथा गुरुद्वारा साहिब मार्ग के निर्मा वशण एवं सौंदर्यीकरण की मांग की गई।
इसके अतिरिक्त क्षेत्र में न्यूनतम 20 घंटे गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति, आधुनिक सामुदायिक शौचालय एवं यूरिनल की स्थापना, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु विरासत संरक्षण समिति के गठन तथा हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की प्रतिमा स्थापित किए जाने की भी मांग उठाई गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि इन मांगों पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई की जाती है तो निजामाबाद पर्यटन, रोजगार, व्यापार एवं सांस्कृतिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ नहीं की गई तो क्षेत्र की जनता निजामाबाद के सम्मान एवं विकास के लिए शांतिपूर्ण तरीके से वृहद धरना-प्रदर्शन एवं अनिश्चितकालीन अनशन करने के लिए बाध्य होगी।
समाजसेवी अरुण कुमार मिश्र “लालू” ने प्रशासन से जनहित में शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है।


