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कर्मचारियों को नहीं हटाया गया तो धरने की चेतावनी।
सांसद नवीन जिंदल से लगाई गुहार, गांव में शांति बनाए रखने के लिए आरोपित कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग।
पिहोवा,11 जून : बीबीपुर कलां गांव के ग्रामीणों ने जिंदल हाउस में कार्यरत गांव के कुछ कर्मचारियों और एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गुरुवार को जिंदल हाउस के समक्ष प्रदर्शन करने की घोषणा की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव बीबीपुर कलां के एक परिवार के कई सदस्य जिंदल हाउस में नौकरी करते हैं और अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर गांव के लोगों को परेशान कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें जिंदल हाउस से नहीं हटाया गया तो वे जिंदल हाउस के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।
गांव निवासी नेत्रपाल राणा, चरण राणा, मदन राणा, किरण पाल राणा, दिनेश कुमार, भूपेंद्र राणा, बचना राम, रविंदर, पूर्व सरपंच देवेंदर राणा, पंडित कांशीराम शर्मा, जगदीश राणा, राहुल, संजय कुलदीप राणा, सरपंच पति राजेश दहिया सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक वर्ष से अधिक समय से जिंदल हाउस के अधिकारी धर्मवीर सिंह को इस मामले से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद उनकी शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित परिवार के लोग जिंदल हाउस का नाम और प्रभाव दिखाकर गांव में लोगों की निजी संपत्तियों पर कब्जा करने का प्रयास करते हैं तथा खेतों की ओर जाने वाले रास्तों पर भी अवैध कब्जे कर चुके हैं।
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत भूमि से सफेदे के पेड़ काटकर बेचने का मामला भी सामने आया था, जिसकी शिकायत सबूतों सहित पुलिस प्रशासन को दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि जिंदल हाउस के अधिकारी अपने कर्मचारियों के पक्ष में प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं, जिसके कारण शिकायतों का समाधान नहीं हो पाता।
खेतों के रास्ते पर कर रखा है कब्जा।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खेतों की ओर जाने वाले रास्ते पर कब्जा किया गया है। इस मामले में आदेश आने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया। उनका कहना है कि जब भी वे किसी सरकारी अधिकारी या प्रशासनिक विभाग के पास शिकायत लेकर जाते हैं तो उन्हें जिंदल हाउस के अधिकारियों का हवाला देकर कार्रवाई से बचने की बात कही जाती है। ग्रामीणों ने गांव की दलित महिला सरपंच पर भी दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पंचायत के सामान्य कार्यों में भी हस्तक्षेप किया जाता है, जिससे गांव के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसी कारण गांव के लोगों में भारी रोष है और अब उन्होंने सामूहिक रूप से आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है।
गांव की सुख शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सांसद करें हस्तक्षेप।
चरण राणा और मदन राणा ने ग्रामीणों के साथ सांसद नवीन जिंदल से हाथ जोड़कर अपील कर चुके हैं कि गांव की सुख-शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए इस मामले में हस्तक्षेप करें। उन्होंने कहा कि सांसद केवल एक परिवार के प्रतिनिधि नहीं हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता ने उन्हें अपना जनप्रतिनिधि चुना है। इसलिए सभी ग्रामीणों की समस्याओं को समान रूप से सुना जाना चाहिए।
मदन राणा ने कहा कि गांव में तनाव लगातार बढ़ रहा है और यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो कोई बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। उन्होंने मांग की कि आरोपित कर्मचारियों को जिंदल हाउस से बाहर किया जाए तथा उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित लोगों की गतिविधियों के कारण जिंदल हाउस की छवि भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी संस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि अपनी शिकायतों का समाधान कराना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सांसद नवीन जिंदल और जिंदल हाउस प्रबंधन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे। फिलहाल पूरे गांव की नजर आज होने वाले प्रदर्शन पर टिकी हुई है, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही
बीबीपुर कलां गांव के लोग पंचायत में जिंदल हाउस पर प्रदर्शन करने के बारे बातचीत करते हुए।


