
थाना सुभाष नगर, थाना कोतवाली, थाना इज्जत नगर मे जेई ब सुपरवाइजर मिलकर करवा रहे हैं बड़े-बड़े निर्माण
अवैध निर्माण का सिलसिला जारी प्राधिकरण के अधिकारी मौन
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : थाना सुभाष नगर क्षेत्र में अवैध निर्माण का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है जानकारी के अनुसार प्राधिकरण के जेई और सुपरवाइजर की मिली भगत से भू माफिया खुलकर अवैध निर्माण करा रहे हैं तमाम शिकायत के बावजूद भी प्राधिकरण के अधिकारी कार्रवाई से कतरा रहे हैं जिससे एक और राजस्व की हानि हो रही है और दूसरी ओर भू माफिया बेखौफ होकर अवैध निर्माण कर रहे हैं थाना सुभाष नगर पराग दूध फैक्ट्री के सामने कई बड़ी कॉलोनी कट रही है और कई बड़े निर्माण बिना प्राधिकरण के अनुमति के धड़ल्ले से बना रहे जेई व सुपरवाइजर की मिली भगत सूत्र बताते हैं।
, इटौआ मे मारुति बिहार में कई बड़े अवैध निर्माण चल रहे हैं । जेटी सिटी पराग दूध फैक्ट्री नवजीवन के सामने और कई निर्माण थाना कोतवाली ब थाना इज्जत नगर में बड़े-बड़े निर्माण व कॉलोनी कट रही है ।कोतवाली क्षेत्र में दैनिक जागरण के पास शास्त्री कॉलोनी में भी एक निर्माण बिना नक्शे के हो रहा है वही फ्रेंड्स कॉलोनी अक्षय बिहार के बराबर एक बड़ा विशाल निर्माण बिना प्राधिकरण के नक्शे के हो रहा है सूत्रों की माने तो जेई व सुपरवाइजर मिलकर वित्तीय साठ गांठ केअवैध निर्माण करवा रहे हैं प्राधिकरण के अधिकारी एक बार सभी बड़े-बड़े निर्माण के नक्शे मानचित्र चेक कर लें तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा लेकिन किसी का नक्शा प्राधिकरण से पास नहीं है स्थानीय लोगों कहना है कि प्राधिकरण के अधिकारी इन निर्माण पर नजर डालते हुए भी संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जेई व सुपरवाइजर का कर्तव्य बनता है, कि किसी भी जगह अवैध निर्माण होने से पहले उसे रोक दिया जाऐ हकीकत है कि पहले अधिकारी की मिली भगत से निर्माण करवा दिया जाता है, बाद में प्राधिकरण के अधिकारी चालान काटकर खानापूर्ति कर देते हैं । मुख्यमंत्री के आदेशों के अनुसार भू माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जानी चाहिए प्राधिकरण के द्वारा कई क्षेत्रों में बहुत बड़ी कार्रवाई हुई है लेकिन थाना सुभाष नगर थाना कोतवाली बताना इज्जत नगर क्षेत्र में कार्रवाई क्यों नहीं लेकिन थाना सुभाष नगर क्षेत्र में जेई व सुपरवाइजर अब तक अपने कर्तव्यों में लापरवाही वरत रहे हैं अब देखने की बात यह है कि प्राधिकरण के अधिकारी इन अवैध निर्माणों पर कोई ठोस कदम उठाएंगे और इन भ्रष्ट जेई व सुपरवाइजर के खिलाफ कोई कार्रवाई भी करेंगे या मामले को ठंडे बस्ते में डाल देंगे।


