
कनैला (आजमगढ़)।
स्वामी सहजानंद सरस्वती की जन्मस्थली देवा (गाजीपुर) से शुरू हुई ‘किसान-मजदूर-नौजवान-महिला चेतना पदयात्रा’ अपने तीसरे दिन चिलचिलाती धूप और भारी उत्साह के बीच महान घुमक्कड़ राहुल सांकृत्यायन के पैतृक गांव कनैला (चक्रपानपुर, आजमगढ़) पहुंची। यहाँ पदयात्रियों ने राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एक जनसभा का आयोजन किया। यात्रा का स्वागत राहुल जी के परिजन मदन मोहन पांडेय ने किया। इसके बाद यात्रा खरिहानी और मधुबन पहुंची, जहाँ शहीद सुभाष रवि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नौजवानों से सीधा संवाद किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने पूर्वांचल के किसानों, मजदूरों और बेरोजगार युवाओं की बदहाली पर गहरी चिंता व्यक्त की और महापुरुषों की विरासत को याद करते हुए संघर्ष का आह्वान किया।
पुरखों के संबंध और चेतना हुए जीवित: मदन मोहन पांडेय
राहुल सांकृत्यायन के परिजन मदन मोहन पांडेय ने कहा कि स्वामी सहजानंद के गांव देवा से राहुल जी के गांव कनैला तक आई इस यात्रा ने हमारे पुरखों के ऐतिहासिक संबंधों को फिर से जीवित कर दिया है। इन पदयात्रियों ने राहुल जी के घुमक्कड़ चरित्र को खुद जीते हुए उनके क्रांतिकारी विचारों को आम जनमानस तक पहुंचाने का सराहनीय काम किया है।
आम चर्चा का विषय बने सहजानंद और राहुल के संघर्ष: डॉ. संदीप पाण्डेय
सोशलिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के महासचिव डॉ. संदीप पाण्डेय ने कहा कि इस पदयात्रा ने स्वामी सहजानंद सरस्वती और राहुल सांकृत्यायन के संघर्षों को पूर्वांचल की जमीन पर फिर से आम चर्चा का विषय बना दिया है। कॉमरेड तेज बहादुर सिंह और शहीद सुभाष रवि जैसे अमर सेनानियों की शहादत से परिचित होकर आने वाले दिनों में जनता अपने अधिकारों की लड़ाई खुद लड़ने के लिए तैयार होगी।
बेरोजगारी और नौजवानों की आत्महत्या के खिलाफ बड़ा आंदोलन: राजीव यादव
किसान नेता राजीव यादव ने तीखा हमला बोलते हुए कहा:
”राहुल सांकृत्यायन ने तिब्बत से लौटकर बिहार के किसानों-मजदूरों के बीच संघर्ष का बिगुल फूंका था। आज देश का नौजवान भयंकर बेरोजगारी से त्रस्त है और वह समझ चुका है कि सत्ता में बैठे लोग उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जिस तरह राहुल जी ने गांवों को संगठित किया था, आज यह पदयात्रा किसानों-मजदूरों के साथ मिलकर नौजवानों की पीड़ा और उनकी आत्महत्याओं के खिलाफ एक मजबूत और संगठित संघर्ष खड़ा करेगी।”
बेटों के हक के लिए लड़ेंगे पूर्वांचल के किसान: विरेन्द्र यादव
पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव विरेन्द्र यादव ने कहा कि जिस तरह बिहार में स्वामी सहजानंद और राहुल सांकृत्यायन ने शोषितों को एकजुट किया था, उसी तरह अब आजमगढ़ समेत पूरे पूर्वांचल के किसानों, मजदूरों और नौजवानों को संगठित किया जाएगा। अब किसान सिर्फ अपनी खेती की लड़ाई नहीं लड़ेगा, बल्कि अपने उन बेटों के हक के लिए भी लड़ेगा जो सरकार की गलत नीतियों के कारण आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं।
कल कनैला में महाजुटान के साथ होगा समापन
इस चेतना यात्रा में मुख्य रूप से डॉ. संदीप पाण्डेय, राजीव यादव, विरेन्द्र यादव, डॉ. राजेंद्र यादव, महेंद्र यादव, जेपी सिंह, संतराम यादव, दुर्गा यादव, दीपक यादव, अधिवक्ता विनोद यादव, अवधेश यादव, हीरालाल यादव, दिनेश यादव समेत सैकड़ों की संख्या में किसान, मजदूर और नौजवान शामिल रहे।
आयोजकों (सोशलिस्ट किसान सभा एवं पूर्वांचल किसान यूनियन) ने बताया कि इस ऐतिहासिक यात्रा का समापन कल 19 जून को राहुल सांकृत्यायन की कर्मस्थली कनैला में एक विशाल जनसभा के साथ होगा।


