
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : जिला कांग्रेस कमेटी एवं महानगर कांग्रेस कमेटी बरेली के संयुक्त तत्वावधान में जिलाध्यक्ष असफाक सकलेनी एवं महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा के संयुक्त नेतृत्व में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी एवं वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी खबरों के विरोध में गांधी मूर्ति, चौकी चौराहा से सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर तक पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा के उपरांत एक हनुमान मंदिर सभा की गई , जिसका संचालन कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता पंडित राज शर्मा ने किया।
इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों रामभक्तों की आस्था का केंद्र है। चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी खबरों ने देशभर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है। कांग्रेस पार्टी की मांग है कि पूरे प्रकरण की जांच माननीय उच्च न्यायालय के किसी सिटिंग जज की निगरानी में निष्पक्ष रूप से कराई जाए, वर्तमान ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए तथा चारों पीठों के परम पूज्य शंकराचार्यों एवं श्रीराम मंदिर से जुड़े सम्मानित संतों को मंदिर के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष असफाक सकलेनी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी स्वयं को सनातन धर्म की हितैषी बताती है, लेकिन यदि आस्था के केंद्र से जुड़े मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती जाती तो इससे देश और दुनिया में गलत संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
अपने संबोधन में महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा ने कहा कि जिस तरह से वर्तमान की सरकार चंदे की चोरी के कृत्य को बचना चाह रही है और अपने चाहते को बचा रही है यह देश के लिए शर्म की बात है और भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री गृहमंत्री दोनों को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि आस्था के नाम पर किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती। दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड मिलना चाहिए।
पूर्व महानगर अध्यक्ष इलियास अंसारी ने कहा कि यह केवल किसी एक समुदाय का विषय नहीं, बल्कि देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला है। इसलिए पूरे प्रकरण की सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए।
प्रदेश प्रवक्ता के.बी. त्रिपाठी ने कहा कि यदि चढ़ावे में हुई कथित अनियमितताओं को दबाने का प्रयास किया जाता है तो इससे जनता का विश्वास कमजोर होगा। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्य रूप से प्रोफेसर अलाउद्दीन खान,प्रवक्ता पंडित राज शर्मा सुरेश दिवाकर, डॉ हरीश गंगवार, जियाउर रहमान, रमेश श्रीवास्तव, इंजीनियर जीशान अफरीदी,मुकेश वाल्मीकि, विनोद कुमार, इशाक सकलेनी, इमरान राजा, इरशाद मंसूरी, उल्फत सिंह, तीर्थ मधुकर, देवेंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, कमरुद्दीन सैफी,डॉक्टर सरताज हुसैन,मनोज शर्मा,मोहम्मद शाहिद खान,अनिल देव शर्मा योगेश जायसवाल, मुजम्मिल हुसैन, अमजद खान, महेंद्र पाल गंगवार, सफदर अली बुखारी, फिरदौस खान, तब्बूसम बी,फरीद खान, जोया नजमी आदि मौजूद रहे।


