
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 9 जुलाई : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने संसदीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित 17वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए ग्रुप स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने पहली बार यह गौरव अपने नाम किया और पूरे देश में आठवाँ स्थान प्राप्त कर हरियाणा तथा विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने पूरी टीम को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का क्षण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भविष्य में भी राष्ट्रीय स्तर पर इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहेंगे।
इसके उपरांत विश्वविद्यालय के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेन्द्र पाल ने भी राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त करने पर सभी विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों एवं समन्वयकों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन, समर्पण और संसदीय मूल्यों के प्रति उनकी गहरी निष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भविष्य में भी अपनी प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्ट प्रदर्शन से राष्ट्रीय स्तर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का नाम निरंतर गौरवान्वित करते रहेंगे।
इस प्रतियोगिता के समन्वयक एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए. आर. चौधरी ने भी सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और टीम भावना की सराहना की। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय की 55 सदस्यीय टीम ने भाग लिया। टीम के प्रत्येक विद्यार्थी ने अनुशासन, उत्कृष्ट वक्तृत्व, संसदीय परंपराओं की समझ और सामूहिक समर्पण का परिचय देते हुए इस ऐतिहासिक सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने बताया कि 7 जुलाई 2026 को संसद भवन, दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए विजेता ट्रॉफी प्रदान की। यह सम्मान विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धि का प्रतीक बना और समूचे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय रहा।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीरज बातिश की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उनके कुशल निर्देशन, सतत प्रशिक्षण और प्रेरणा ने टीम को इस ऐतिहासिक सफलता तक पहुँचाने में अहम योगदान दिया। उल्लेखनीय है कि उत्तर भारत की अनेक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय भी यह उपलब्धि हासिल नहीं कर सकीं, जबकि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने ग्रुप स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर नया इतिहास रच दिया। विश्वविद्यालय की यह सफलता राष्ट्रीय स्तर पर उसकी शैक्षणिक उत्कृष्टता, विद्यार्थियों की प्रतिभा तथा शिक्षकों के समर्पण का सशक्त प्रमाण है।
व्यक्तिगत प्रदर्शन में उपासना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नवनीत कुमार एवं लुभांशी संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान पर रहे। गैलेक्सी एवं अंकित ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि पारुल, छवि और अमन संयुक्त रूप से चतुर्थ स्थान पर रहे।
इस अवसर पर हरपाल, डॉ. सुरेन्द्र, स्नेहा, शौर्य , किरण, जसमीत, लोकेश आदि भी उपस्थित रहे।


