
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उद्यान विभाग द्वारा कृषक जागरूकता कार्यशाला -2026/ विभागीय समीक्षा बैठक हुई आयोजित
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता मे आज उद्यान विभाग द्वारा कृषक जागरूकता कार्यशाला-2026/ विभागीय समीक्षा बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार बरेली में किया गया।
कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला अग्रणी प्रबन्धक, प्रबन्धक नाबार्ड, जिला उद्यान अधिकारी बरेली, जिला कृषि अधिकारी बरेली, डाॅ रंजीत सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ, के0वी0के0, सचिव मण्डी परिषद बरेली, ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक, जिला गन्ना अधिकारी बरेली के प्रतिनिध, प्रधानाचार्य राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्र बरेली के प्रतिनिधि, जनपद के प्रगतिशील कृषक, मौनपालक, एफ0पी0ओ0, औद्यानिक सहकारी उत्पादक विपणन समिति अध्यक्ष, निजी शीतगृह स्वामियों, स्वयं सहायता समूहों तथा द्वारा प्रतिभाग किया।
सर्व प्रथम जिला उद्यान अधिकारी बरेली द्वारा उद्यान विभाग में संचालित योजनाओं-एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना (MIDH), मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (FMFME), पर ड्राप मोर क्राॅप-माइक्रोइरीगेशन योजना (PDMC), खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023, के बारे में कृषकों को विस्तार से योजनाओं के अन्तर्गत देय सुविधाओं तथा अनुदान की जानकारी प्रदान की गयी।
इसके पश्चात् जिलाधिकारी द्वारा प्रगतिशील कृषकों से वार्ता कर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यो की विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई साथ ही कृषकों द्वारा अपने अनुभव व सुझाव साझा किए गये। औद्यानिक फसलों की खेती प्राप्त आय व लाभ के बारे में भी चर्चा की गयी। संरक्षित खेती कार्यक्रम अन्तर्गत पाली हाउस/शेडनेट हाउस के स्वामियों से उनके उत्पाद, विपणन के बारे में जानकारी ली गयी।
प्रगतिशील कृषक अनिल साहनी, राजेन्द्र गंगवार, प्रवीण गुप्ता, संजीव गंगवार आदि द्वारा विस्तार से अपने कृषि कार्यो एवं मार्केटिंग की रणनीति के बारे में बताया गया।
जिलाधिकारी द्वारा विभाग को निर्देश दिये गये कि नये एफ0पी0ओ0 का गठन किया जाये तथा उनके माध्यम से कलस्टर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाये तथा पोस्ट हार्वेस्ट कार्यक्रम अन्तर्गत- नवीन शीतगृहों, पैक हाउस, प्याज भण्डारण गृह, राइपेनिंग चैम्बर तथा लो-कास्ट प्रिजर्वेशन यूनिट आदि की स्थापना किये जाने के निर्देश दिये गये ताकि कृषकों को उनके उत्पादो का उचित मूल्य प्राप्त हो सके साथ ही एक्जोटिक फू्रटस जैसे- ड्रेगन फ़्रूट, स्ट्राबेरी आदि की बागवानी को बढ़ावा दिये जाने के निर्देश भी दिये गये।
तत्पश्चात् जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को फलदार पौध का वितरण किया गया।
अन्त में जिला उद्यान अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम/बैठक समापन की विधिवत घोषणा की गयी।


