
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 26 अगस्त : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, कुरुक्षेत्र सेवा केन्द्र इन्चार्ज ब्रह्माकुमारी सरोज बहन ने बताया कि ब्रह्माकुमारीज की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 19वी पुण्यतिथि आज भारत सहित 140 देशों में विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाई गई। उन्होंने बताया कि दादी जी का जन्म भारत के सिन्ध प्रांत में 1922 में हुआ था। दादी जी का बचपन का नाम रमा था। बचपन से ही दादी जी शांत और विनम्र स्वभाव की थी। 1936 में 14 वर्ष की आयु में अपना जीवन परमात्म कार्य एवं मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। सिंधी होने के कारण वें श्री सुखमणि साहिब और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पाठ भी करती थी। उन्होंने श्री जपुजी साहिब और गीता का बचपन में ही अध्ययन कर लिया था। 1969 से 2007 तक 38 वर्ष मुख्य प्रशासिका के रूप में सेवाओं को विश्व पटल तक पहुँचाया। उनके त्याग, लगन और परिश्रम का परिणाम है कि उनके सान्निध्य में ही 50 हजार से अधिक ब्रह्माकुमारी बहनें समर्पित हो चुकी थी। दादी जी भरी सभा में कहा करती थी कि मैने सारे जीवन में कभी झूठ नही बोला। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी कुरुक्षेत्र विनोद शर्मा ने भी दादी जी के साथ के अनुभव सांझा किये और प्रातः सेवा केन्द्र पर पहुंच कर दादी जी को श्रद्धासुमन अर्पित किये। प्रो राजेश अग्रवाल एनआईटी थॉट लैब के संयोजक व कृष्ण लाल भण्डारी गीता कुंज ने भी दादी जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। राजकुमार विद्यार्थी ने कविता के माध्यम से दादी जी को याद किया। अंत में सभी बी के बहन- भाइयों ने दादी जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर बी के राधा, बी के पुष्पा, बी के लता, बी के प्रियंका भी मौजूद रहे।


