डिजिटल युग में भी पुस्तकें विश्वसनीय एवं प्रमाणिक : प्रो. राकेश कुमार

हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक दूरभाष – 94161 91877
केयू में तीन दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का सफल समापन।
कुरुक्षेत्र, 29 जनवरी : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में केयू सामुदायिक केन्द्र में संचालित तीन दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का सफल समापन हुआ। इस अवसर पर केयू डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार ने बतौर मुख्यातिथि कहा कि डिजिटल युग में भी पुस्तकें विश्वसनीय एवं प्रमाणिक हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सूचनाएँ तेजी से उपलब्ध हो रही हैं, लेकिन उनकी विश्वसनीयता पर अक्सर प्रश्न उठते हैं। ऐसे समय में पुस्तकें आज भी ज्ञान का सबसे विश्वसनीय एवं प्रमाणिक स्रोत बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक प्रदर्शनीः ज्ञान, संस्कृति और विचारों का संगम है जो समाज को शिक्षा, साहित्य और संस्कृति से जोड़ता है।
इस अवसर पर पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. संजीव शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए बताया कि पुस्तकालय प्रदर्शनी में देश-विदेश के 55 प्रकाशकों की पुस्तकें लगाई गई जिससे शोधार्थियों, शिक्षकों और पुस्तक प्रेमियों के लिए ज्ञानवर्धन का एक उत्कृष्ट अवसर मिला। उन्होंने कहा कि आगे भी इस प्रकार की पुस्तक प्रदर्शनी विश्वविद्यालय में लगाई जाएगी। उप-पुस्तकालयाध्यक्ष व प्रदर्शनी के संयोजक डॉ. संजय कौशिक ने कहा कि प्रदर्शनी में शैक्षणिक, शोध, साहित्यिक, तकनीकी, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं सामान्य ज्ञान से संबंधित पुस्तकों का विस्तृत संग्रह प्रस्तुत किया गया। पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. चेतन शर्मा ने कहा कि पुस्तक पढ़ने से मनुष्य में नई सोच, रचनात्मकता और बौद्धिक विकास को प्रोत्साहन मिलता है।
इस अवसर पर प्रो. कृष्णा रंगा, प्रो. कुलदीप सिंह, डॉ. जितेन्द्र भारद्वाज, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. रमेश कैत, डॉ. राजन शर्मा, डॉ. राजकमल, डॉ. रितु सैनी, डॉ. मोहिन्द्र, नरेन्द्र सिंह, अशोक सीकरी, रीना, उर्मिला, संतोष, ममता गाबा, महेश, अजय चड्ढा, प्रवेश, संजय, सरोज सहित शिक्षक एवं विद्यार्थी सहित पुस्तकालय परिवार के सदस्य मौजूद थे।



