फरियादी पुलिस और राजस्व विभाग के चक्कर काटने के लिए मजबूर

रायबरेली
रिपोर्टर विपिन राजपूत
पुलिस व राजस्व विभाग की अनसुनी के चलते किसी वारदात के संकेत
दोनों पक्षों से लगातार आरोपों पर गंभीर नहीं संबंधित अधिकारी
जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश की सरकार जमीनी मामलों के निस्तारण हेतु राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम गठित की व्यवस्था कर रखी है वही जनपद में ऐसे तमाम ज़मीनी मामले हैं जहां फरियादी पुलिस और राजस्व विभाग के चक्कर काटने के लिए मजबूर होते रहते हैं एक ऐसा ही मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के अहमदपुर नजूल महानंदपुर का प्रकाश में आया है आरोप है कि पूर्व सैनिक आशीष कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि उसका मकान महानंदपुर में है वही का रहने वाला एक व्यक्ति हिमांशु सिंह जो उसके मकान को तीन बार गिरा चुका एक बार पुलिस ने उसे जेल भी भेजा है। मीडिया को दिए गए में और फौजी ने बताया कि अब वह बहुत पीड़ित हो चुका है लेकिन उसे जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री से बहुत उम्मीद है। वहीं दूसरी तरफ आरोपित हिमांशु सिंह ने बताया कि उपरोक्त जमीन का मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन है बावजूद फौजी अज्ञात लोगों के सहारे उपरोक्त जमीन पर जबरन तोड़फोड़ कर रहे हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसी स्थिति में जब दोनों तरफ से शिकायतें और दस्तावेज प्रस्तुत किए जा रहे तो राजस्व व पुलिस टीम मामले को संज्ञान क्यों नहीं ले रही है क्या वह किसी बड़ी घटना के इंतजार में है




