
आजमगढ़, 2 जुलाई 2026:
उत्तर प्रदेश के उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ‘ऑल इण्डियन फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन, उ०प्र०’ के बैनर तले आजमगढ़ में कोटेदारों ने जिलाधिकारी के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो अगस्त 2026 से प्रदेश के सभी 80 हजार कोटेदार खाद्यान्न वितरण का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम लाभांश का आरोप
सौंपे गए पत्र के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कोटेदारों को वर्तमान में प्रति क्विंटल केवल 90 रुपये का लाभांश (कमीशन) मिलता है, जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे न्यूनतम है। कोटेदारों ने अन्य राज्यों के लाभांश का हवाला देते हुए बताया कि:
हरियाणा: ₹200/- प्रति क्विंटल
दिल्ली: ₹200/- प्रति क्विंटल
गोवा: ₹230/- प्रति क्विंटल
गुजरात: ₹20,000/- प्रति माह न्यूनतम इनकम गारंटी
एसोसिएशन का कहना है कि इस कमरतोड़ महंगाई के दौर में इतने कम लाभांश से कोटेदारों के परिवार का भरण-पोषण और दुकान का संचालन करना असंभव हो गया है, जिससे राशन विक्रेताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
अगस्त 2026 से पूर्ण बहिष्कार का अल्टीमेटम
एसोसिएशन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोटेदारों के लाभांश को बढ़ाने और न्यूनतम आय की गारंटी देने के संबंध में तत्काल निर्णय नहीं लिया गया, तो अगस्त 2026 के महीने में प्रदेश के सभी 80 हजार कोटेदार खाद्यान्न वितरण कार्य का पूरी तरह से बहिष्कार करेंगे और वितरण संबंधी सभी कार्यों से अलग हो जाएंगे।
जनता को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी शासन की होगी:
कोटेदारों ने पत्र में स्पष्ट शब्दों में कहा है कि हड़ताल के कारण आम जनता को राशन प्राप्त करने में जो भी असुविधा होगी, उसकी पूरी जिम्मेदारी खाद्य विभाग और शासन की होगी, इसमें कोटेदार या एसोसिएशन का कोई उत्तरदायित्व नहीं होगा।
इस ज्ञापन पत्र पर एसोसिएशन के जनपद अध्यक्ष दीपक पांडेय के साथ-साथ विजय कुमार राय, महेंद्र यादव, चंद्रशेखर, और गौतम कुमार सहित दर्जनों पदाधिकारियों और राशन डीलरों के हस्ताक्षर मौजूद हैं। कोटेदारों ने सरकार से बेहद जल्द इस विषय पर न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग की है।


