
भाजपा नेता आशीष अग्रवाल पर दर्ज मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट, गृह विभाग सख्त—अब कई पर गिर सकती है गाज
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : जनपद बरेली के कस्बा फतेहगंज पश्चिमी निवासी भाजपा नेता आशीष अग्रवाल से जुड़े चर्चित प्रकरण में बड़ा मोड़ सामने आया है। पुलिस विवेचना में मुकदमे को निराधार मानते हुए अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश गृह विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए विधान परिषद की संसदीय सद्भावना समिति को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी है। अब 4 मई को प्रस्तावित समिति की बैठक में इस प्रकरण पर सुनवाई होने की संभावना है।
गृह (पुलिस) अनुभाग-12 द्वारा जारी पत्र में विशेष सचिव पवन अग्रवाल ने समिति को अवगत कराया कि थाना फतेहगंज पश्चिमी में दर्ज मुकदमा संख्या 471/2025 की विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और घटनास्थल के निरीक्षण के आधार पर आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। जांच में यह भी सामने आया कि शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले, जिसके चलते विवेचना अधिकारी ने अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रेषित कर दी।
सूत्रों के अनुसार, मामले में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप—जिनमें रिश्वत मांगने और अन्य गंभीर आरोप शामिल थे—जांच में असत्य पाए गए। इतना ही नहीं, जांच कमेटी की रिपोर्ट में भी आरोपों को निराधार बताया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब झूठा मुकदमा दर्ज कराने और साजिश रचने वालों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
राजनीतिक हलकों में भी इस प्रकरण को लेकर हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि समिति की आगामी बैठक में इस मामले पर विस्तृत चर्चा होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए जा सकते हैं।
प्रदेश सरकार की सख्ती और गृह विभाग की सक्रियता से साफ संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा नेता को फंसाने की कोशिश करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े नामों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

