
47.54 करोड़ की 60 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, 27 प्रगतिशील कृषक सम्मानित
रायबरेली, 16 जून। देश के प्रधानमंत्री के 12 वर्ष तथा उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने एवं उद्यान विभाग के स्वर्णिम 51 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में श्री महावीर सिंह स्मारक महाविद्यालय, कठवारा (हरचंदपुर) में मंगलवार को मण्डलीय औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने फीता काटकर किया।
कार्यक्रम में लखनऊ, अयोध्या एवं प्रयागराज मंडल के नौ जनपदों के हजारों किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया गया। गोष्ठी के दौरान उद्यान विभाग की उपलब्धियों की जानकारी किसानों को दी गई।
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम किसान तक पहुंचाना है। उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती के साथ-साथ फल, फूल, सब्जी, सुगंधित एवं औषधीय फसलों की खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि औद्यानिक फसलों से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है तथा निर्यात बढ़ाकर किसानों को बेहतर मूल्य दिलाया जा सकता है।
कार्यक्रम में मंत्री ने उद्यान विभाग की 19.43 करोड़ रुपये तथा मंडी विभाग की 28.10 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 60 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 47.54 करोड़ रुपये है। साथ ही औद्यानिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 27 किसानों को सम्मानित किया गया तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के अंतर्गत 10 उद्यमियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी.एल. मीणा ने बताया कि उत्तर प्रदेश सब्जी, सिंघाड़ा, तरबूज, खरबूज, शिमला मिर्च, दूध और गन्ना उत्पादन में देश में अग्रणी है। उन्होंने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत प्रदेश में 3.50 लाख से अधिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है, जो देश में सर्वाधिक है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी, पूर्व विधायक राकेश सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी, अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा, निदेशक उद्यान भानु प्रकाश राम, जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका, मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता सहित उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं लगभग 4000 से अधिक किसान उपस्थित रहे।


