
शिक्षक दिवस पर कुवि ने घोषित किए ‘बेस्ट रिसर्च अवार्ड।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 4 सितंबर : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने शोध, नवाचार एवं अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए बेस्ट रिसर्च अर्वार्ड-2025 की घोषणा की है।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि शिक्षक किसी भी शैक्षणिक संस्थान की आधारशिला होते हैं तथा शोध में उत्कृष्टता विश्वविद्यालय की वैश्विक अकादमिक प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट शोधकर्ताओं को सम्मानित करने का उद्देश्य विश्वविद्यालय में शोध, अंतर्विषयक नवाचार एवं अकादमिक उत्कृष्टता की सशक्त संस्कृति को बढ़ावा देना है। इस प्रकार की पहल विकसित भारत के विजन के अनुरूप विश्वविद्यालय के योगदान को और मजबूत करेगी।
चयन समिति के संयोजक एवं अधिष्ठाता, शोध एवं विकास, प्रो. संजीव अग्रवाल ने बताया कि इन पुरस्कारों के माध्यम से पेटेंट, उच्च प्रभाव वाली शोध-पत्रिकाओं में प्रकाशन, शोध परियोजनाओं, परामर्श सेवाओं तथा अकादमिक सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विश्वविद्यालय के शिक्षकों को सम्मानित किया गया है।
लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र शर्मा को बेस्ट रिसर्चर: एच-इंडेक्स, यूआईईटी के सहायक प्रोफेसर डॉ. विशाल अहलावत को पेटेंट के लिए, रसायन विज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. नीरा राघव को बेस्ट रिसर्चरः इम्पैक्ट फैक्टर तथा फिजिक्स विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. संजीव अग्रवाल को बेस्ट रिसर्चर-पब्लिकेशन (विज्ञान) अवार्ड के लिए चुना गया है। इसी प्रकार अर्थशास्त्र विभाग की प्रोफेसर डॉ. अर्चना चौधरी को बेस्ट रिसर्चरः पब्लिकेशन (नॉन सांइसिज), फिजिक्स विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुमन मेहंदिया को बेस्ट रिसर्चरः प्रोजेक्टस (साइंसेज), यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय सोलखे को बेस्ट रिसर्चर प्रोजेक्टस (नान-सांइसेज), जियोफिजिक्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आर.बी.एस. यादव को कंसल्टेंसी (सांइसेज) तथा माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार को बेस्ट रिसर्चरः कोलेबोरेशन अवार्ड के लिए चयनित किया गया है।


