
बनीं विश्व की पहली महिला तैराक
आजमगढ़।जिया राय ने एक बार फिर से समंदर की तेज लहरों को चीरते हुए पैरा तैराकी में एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है। जिया ने अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मैनहैट्टन के चारों तरफ 48 किलोमीटर की बेहद कठिन तैराकी अकेले तैर कर पूरा कर लिया और इस उपलब्धि के साथ वह ओपन वॉटर स्विमिंग का सबसे प्रतिष्ठित ट्रिपल क्रॉउन हासिल करने वाली दुनिया की पहली महिला पैरा तैराक बन गई।
दुनिया भर में इस मुकाम को तैराकों का सबसे बड़ा सपना माना जाता है। 18 वर्षीय जिया राय ऑटिज्म स्पेक्ट्रम नामक बीमारी से ग्रसित हैं और वह बोल भी नहीं पाती हैं। इसके बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और इस 48 किलोमीटर लंबी 20 ब्रिजेस स्विम अराउंड मैनहट्टन को महज 8 घंटे 53 मिनट में तैरकर पूरा किया। जिया ने बैटरी पार्क सिटी से अपनी इस तैराकी के सफर की शुरुआत की थी और कुछ ही घंटों में वह अपनी मंजिल तक पहुंच गईं। इस असाधारण कीर्तिमान के साथ उन्होंने करीब 100 साल पुराने इस तैराकी अभियान के इतिहास में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा लिया। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के साथ यह मुकाम छूने वाली वह पहली लड़की बन गई हैं।
उनकी इस जीत के बाद न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य विशाल जयेश भाई हर्ष के द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। जिया राय के पिता मदन राय बताते हैं कि मैनहट्टन के आसपास तैराकी करना दुनिया की सबसे खतरनाक चुनौतियों में से एक माना जाता है यहां पानी का तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास होता है जिससे शरीर के सुन्न पड़ने का और हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है। ऊपर से पानी का तेज बहाव और लगातार गुजरने वाली नावों के बीच रास्ते जोखिम से भरे होते हैं। इसके पहले भी जिया राय न्यू पारा पारा की में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की है उन्होंने 2024 में इंग्लिश चैनल को पार करने का रिकॉर्ड बनाया था और 2025 में वह कैटालिना चैनल को भी तौर कर पार कर चुकी है।
उनकी इस तैराकी कौशल और जज्बे की बदौलत ही उन्हें 2022 में देश के प्रधानमंत्री के द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है इसके साथ ही 2023 में दिव्यांग सशक्तिकरण राष्ट्रीय पुरस्कार और 2024 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित WOWSA अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है


