मित्रता हो तो सुदामा जी जैसी, सुदामा चरित्र के साथ कथा का विश्राम

पवन कालरा संवाददाता राष्ट्रीय सभ्यता
बरेली : श्री बांके बिहारी मंदिर राजेंद्र नगर में श्री राधा कृपा संकेतन सेवा ट्रस्ट के पावन तत्वावधान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत रविवार को कथा व्यास पंडित गोपाल कृष्ण मिश्रा ने श्रीमद् भागवत कथा में सुदामा चरित्र का बहुत ही सुंदर वर्णन किया, भगवान से अगर संबंध निभाने है ,तो सुदामा जी जैसा मित्रवत सम्बन्ध निभाएं भगवान संबंध निभाने के सबसे अग्रणी देवता है, भगवान कृष्ण ने सुदामा जी को जब देखा तो देख करके उनकी दीन दशा पर अपनी करुणा दृष्टि डाली और दो मुट्ठी चावल खा करके उनको दो लोको का राज प्रदान कर दिया, जिन सुदामा जी के भाग्य में श्रीहीन लिखा था उनको श्रीवान बना दिया ऐसे परमात्मा अत्यंत करुणाकर है, हर संबंध निभाने में भगवान सबसे आगे हैं ,परमात्मा से संबंध का नाता रखे तथा कथा व्यास पंडित गोपाल कृष्ण ने कथा में गौ सेवा अभियान के अंतर्गत गौ सम्मान दिवस के लिए अपने भाव व्यक्त किया प्रत्येक जन प्राणी को गौ सेवा करना चाहिए 27 अप्रैल और 27 जून को होने वाले गौ सम्मान दिवस में सबसे निवेदन किया गया ,इस पावन दिवस को सभी मनाये और इस दिन अपने आसपास के सभी लोगों को सभी को सेवकों को इकट्ठा करके जिसमें गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने का निवेदन किया जाए ,कथा व्यास ने कथा के विश्राम में फूलों की होली का आनंद लिया सभी भक्तों ने उसे आनंद में भाग लिया कथा व्यास पंडित गोपाल मिश्रा ने” आज बिरज में हॉली रे रसिया रंग डाल के गोरी मुंह पर सांवरिया ” अंत में फूलों की होली भी खेली गई, भजन गायक* जगदीश भाटिया ने सुंदर* भजन गाया “सखी री बांके* बिहारी से लड़ गई अखियां बचाई थी बहुत निगोही लड़ गई अखियां.. आदि भजनों से समा बांधा, कथा विश्राम होने के बाद प्रसाद का वितरण किया गया।



