
आजमगढ़ में किसानों की समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश किसान सभा का प्रदर्शन
आजमगढ़। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश किसान सभा, आजमगढ़ इकाई द्वारा सोमवार को प्रदर्शन कर सात सूत्रीय मांग पत्र जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया। किसान सभा के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में किसानों की फसल खरीद पर एमएसपी की गारंटी, किसानों का कर्ज माफ करने, नहरों में तत्काल पानी छोड़े जाने तथा गांव और शहरों में बिजली कटौती बंद करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष इफ्तियाज बेग ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियां पूंजीपतियों के हित में कार्य कर रही हैं, जबकि किसान, मजदूर, बेरोजगार और छोटे व्यापारी लगातार परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत, बिजली कटौती और फसलों का उचित मूल्य न मिलने से किसान संकट में हैं। सरकार को किसानों की मांगों पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए, अन्यथा सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ एवं मंत्री गुलाब मौर्य ने कहा कि किसानों, ग्रामीण मजदूरों और छोटे दस्तकारों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। सहमंत्री जीयालाल ने किसानों का कर्ज माफ करने, नहरों में पानी छोड़े जाने और जरूरतमंदों को सम्मानजनक पेंशन देने की मांग की। साथ ही केंद्र सरकार से विश्व व्यापार संगठन से जुड़े दबावों को अस्वीकार करने तथा सभी राज्यों के किसानों को समान बोनस देने की मांग भी उठाई गई।
खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष खरपतू राजभर ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर जीयालाल, जानकी नाथ, बसीर अहमद, खरपतू, रामनेत सहित अन्य किसान एवं मजदूर मौजूद रहे।


