
जयराम कन्या महाविद्यालय में हुआ संगीत के क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण पर व्याख्यान का आयोजन।
वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
प्राचीन काल से आधुनिक काल तक महिला हर क्षेत्र में अनूठी पहचान बनाती आई है : डा. आरती शयोकंद।
कुरुक्षेत्र, 5 मार्च : देशभर में संचालित श्री जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष एवं श्री जयराम शिक्षण संस्थान के चेयरमैन ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी की प्रेरणा से ग्रामीण आंचल की कन्याओं को उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से गतिमान सेठ नवरंग राय लोहिया जयराम कन्या महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ एवं एनसीसी द्वारा व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर डा. आरती शयोकंद सहायक प्रवक्ता संगीत विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पहुंची। उनके वक्तव्य का विषय संगीत के क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण रहा। सर्वप्रथम महाविद्यालय की प्राचार्या डा. सुदेश रावल ने अतिथियों एवं मुख्य वक्ता का अभिनंदन व स्वागत किया। डा. आरती शयोकंद ने महिला सशक्तिकरण विषय पर चर्चा करते कहा कि प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक महिला हर क्षेत्र में अपनी एक अनूठी पहचान बनाती आई है। विपरीत परिस्थितियों में भी स्वयं को स्वयंसिद्धा साबित करती रही है। एक कर्मठ जुझारू नेता की तरह अपनी उपस्थिति समाज में दर्ज कराती रही है। पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पारिवारिक जिम्मेदारियां को पूरा करने के साथ-साथ सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए हर क्षेत्र में आगे बढ़ती रही है। सफलता की सीढ़ियां चढ़ते हुए हर क्षेत्र में अपनी सफलता का लोहा मनवाने वाली नारी एक तरफ प्रेम, ममता की प्रतिमूर्ति है तो दूसरी तरफ कठोर परिस्थितियों में एक सिपाही की तरह भी डट कर चुनौतियों का सामना करती है। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या डा. सुदेश रावल ने महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डा. अनीता शर्मा एवं एनसीसी अधिकारी डा. प्रीति शर्मा को इस आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मंच पर विद्वान अतिथि एवं कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं।


