Breaking Newsछत्तीसगढ़जगदलपुर

कोपागुड़ा बु्रडिंग सेंटर बना महिला आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार

रोशनी महिला संकुल की 18 दीदियों को मिले ‘असील’ नस्ल के चूजे

जगदलपुर, 06 जनवरी 2026/ बस्तर जिले में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने की दिशा में एक और सराहनीय पहल सामने आई है। जगदलपुर विकासखंड के कोपागुड़ा गांव में संचालित बु्रडिंग सेंटर ने अपनी सफलता से यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और योजनाबद्ध प्रयासों से ग्रामीण महिलाएं भी स्वरोजगार के मजबूत मॉडल खड़े कर सकती हैं।
    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी रोशनी महिला संकुल संगठन माड़पाल के अंतर्गत एकीकृत कृषि क्लस्टर योजना के तहत संचालित इस ब्रुडिंग सेंटर से सोमवार को तीसरे बैच के चूजों का विधिवत विक्रय किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से ‘असील’ नस्ल के चूजों का वितरण किया गया, जो स्थानीय जलवायु के अनुकूल होने के साथ-साथ अपनी बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं। इस पहल के तहत कुल 18 दीदियों को चूजे प्रदान किए गए, जिससे वे अपने घर से ही मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू कर सकेंगी। इससे न केवल उनकी पारिवारिक आय में वृद्धि होगी, बल्कि गांव स्तर पर आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह योजना ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में प्रभावी भूमिका निभा रही है।
    कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोगी संस्था प्रदान के प्रतिनिधि विक्रम विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ माड़पाल एवं पंडरीपानी संकुल के पदाधिकारी, एकीकृत कृषि क्लस्टर एंकर, सीनियर सीआरपी और पशुसखियों की सक्रिय सहभागिता रही। सभी ने बु्रडिंग सेंटर के सफल संचालन की सराहना करते हुए दीदियों को मुर्गी पालन से जुड़ी तकनीकी जानकारियाँ और व्यावहारिक सुझाव भी दिए। कोपागुड़ा बु्रडिंग सेंटर की यह उपलब्धि बस्तर क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभर रही है, जो आने वाले समय में अन्य गांवों के महिलाओं के लिए भी प्रेरक साबित होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
plz call me jitendra patel