
हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
सह संपादक – डॉ. संजीव कुमारी।
प्रधान राजकुमार गर्ग ने ओ३म् ध्वज फहराकर किया विधिवत् शुभारम्भ।
कुरुक्षेत्र, 01 जून : गुरुकुल कुरुक्षेत्र में आज सार्वदेशिक आर्य वीर दल न्यास के अध्यक्ष स्वामी देवव्रत सरस्वती जी की पावन उपस्थिति में गुरुकुल के प्रधान राजकुमार गर्ग ने ‘ओ३म्’ पताका पहराकर सार्वदेशिक आर्य वीर दल के राष्ट्रीय शिविर के शुभारम्भ की विधिवत् घोषणा की। इस अवसर पर गुरुकुल के प्राचार्य सूबे प्रताप, व्यवस्थापक रामनिवास आर्य, मुख्य संरक्षक संजीव आर्य, शिविर के आयोजन में अहम भूमिका निभा रहे महाशय जयपाल आर्य, जसविन्द्र आर्य सहित आर्य वीर दल के वरिष्ठ शिक्षक एवं अधिकारिगण मौजूद रहे।
प्रधान राजकुमार गर्ग ने कहा कि यह शिविर केवल प्रशिक्षण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, राष्ट्र निर्माण और भारतीय संस्कृति संरक्षण का एक महायज्ञ है। महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने जिस वैदिक संस्कृति के पुनर्जागरण का संकल्प लिया था, उसे आगे बढ़ाने का दायित्व आज हम सबके कंधों पर है। उन्होंने कहा कि आर्य वीर दल का उद्देश्य केवल शारीरिक बल का विकास करना नहीं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, साहस, आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और सेवा भावना का निर्माण करना है। जब युवा अपने जीवन में सत्य, संयम और परिश्रम को अपनाता है, तभी वह समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी नागरिक बनता है।
शिविर में आए युवाओं को सम्बोधित करते हुए आचार्य नन्दकिशोर ने कहा कि शिविर मंे दिये गये प्रशिक्षण और बौद्धिक को अपने जीवन में आत्मसात कर युवा सभ्य समाज का निर्माण करें, यही इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य है। शिविर के दौरान इन 15 दिनों में मिलने वाला ज्ञान और प्रशिक्षण आपके जीवन की दिशा को बदलने का सामथ्र्य रखता है, जो शिविरार्थी प्रशिक्षण को पूरे मनोयोग से प्राप्त करेगा, वह जीवन में अवश्य उन्नति करेगा।
व्यवस्थापक रामनिवास आर्य ने बताया कि इस शिविर में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तमिलनाडु, मुंबई, दिल्ली सहित अनेक प्रदेशों से बड़ी संख्या में आर्य वीर और वीरांगनाएं भाग ले रही हैं। शिविरों की सम्पूर्ण व्यवस्था गुरुकुल कुरुक्षेत्र प्रबंध समिति द्वारा की गई है।


