
आजमगढ़। नीट (NEET) पेपर लीक और देश में बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ 21 जुलाई 2026 को आजमगढ़ कलेक्ट्रेट स्थित आंबेडकर पार्क में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने आ रहे छात्र-छात्राओं और युवाओं पर पुलिस द्वारा की गई कथित बर्बरता की समाजवादी पार्टी ने कड़े शब्दों में भर्त्सना की है।
सपा के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि पीड़ित छात्र-छात्राओं और युवाओं ने उनके आवास पर पहुंचकर पुलिसिया उत्पीड़न की आपबीती सुनाई। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि हाथ में भारत का संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लिए अहिंसक प्रदर्शन कर रहे युवाओं से पुलिस ने जबरन तस्वीरें छीनकर फेंक दीं और उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा व अभद्रता की।
प्रमुख बिंदु:
- प्रशासनिक दमन का आरोप: हवलदार यादव ने कहा कि कलेक्ट्रेट आ रहे युवाओं को जगह-जगह रोककर आंदोलन को दबाने का काम किया गया। उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से वार्ता कर पुलिस की अवैधानिक और दमनात्मक कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
- दिल्ली जंतर-मंतर की घटना पर आक्रोश: आजमगढ़ के प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद भवन तक जाने वाले युवाओं के प्रदर्शन को रोके जाने का विरोध कर रहे थे। देश की राजधानी में भी युवाओं पर लाठीचार्ज की घटना सामने आई है।
- सपा व अन्य विपक्षी दलों का मिला समर्थन: दिल्ली में जारी इस आंदोलन को समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में पार्टी के सभी सांसदों ने अपना समर्थन दिया और संघर्ष में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त सांसद धर्मेंद्र यादव, चंद्रशेखर आजाद, संजय सिंह, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु से विजय थलापति, और वरिष्ठ समाजसेवी योगेंद्र यादव समेत कई प्रमुख नेताओं ने युवाओं की मांगों का समर्थन किया है।
“देश का युवा अब जाग चुका है। वह पेपर लीक, कमरतोड़ महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी, किसानों की दुर्दशा और मजदूरों की समस्याओं से मर्माहत है। भाजपा सरकारें धर्म और जाति की राजनीति कर मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती हैं, लेकिन जनता अब पुलिसिया दमन और अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। यह आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है।” — हवलदार यादव, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी (आजमगढ़)


