
जिला उप न्यायवादी श्री चन्द्र मोहन ने अनुसंधान अधिकारियों को दी महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 18 अगस्त : पुलिस अधीक्षक श्री चन्द्र मोहन के आदेशानुसार पुलिस लाइन कुरुक्षेत्र में नए आपराधिक कानूनों एवं अनुसंधान से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों को लेकर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में जिला उप न्यायवादी श्री चन्द्र मोहन ने जिला पुलिस के अनुसंधान अधिकारियों को नए कानूनों की बारीकियों तथा अनुसंधान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
जिला उप न्यायवादी श्री चन्द्र मोहन ने अनुसन्धान अधिकारियों को बताया कि नए कानूनों के तहत अनुसंधान प्रक्रिया में डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस द्वारा किसी मामले से संबंधित वीडियो, फोटो, दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड अथवा अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित तरीके से अपने कम्प्यूटर अथवा लैपटॉप में संभालकर रखना चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर इन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा, उनकी विश्वसनीयता तथा उचित तरीके से संकलन एवं संरक्षण के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए कानून के अनुसार यदि आरोपी पीओ घोषित कर दिया जाता है तो उसकी गैर-हाजिरी में भी नियमानुसार न्यायालय की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है और मामले का ट्रायल किया जा सकता है। उन्होंने अनुसंधान अधिकारियों को ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया तथा आवश्यक कार्रवाई के बारे में विस्तार से समझाया।
सेमिनार के दौरान जिला उप न्यायवादी ने गिरफ्तारी से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, आरोपी के अधिकारों तथा कानूनी औपचारिकताओं के बारे में बताया। उन्होंने अनुसंधान अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मामले में कानून के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करते हुए निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान किया जाए। सेमिनार के दौरान अनुसंधान अधिकारियों ने नए कानूनों एवं अनुसंधान प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न सवाल और जिज्ञासाएं रखीं। जिला उप न्यायवादी श्री चन्द्र मोहन ने सभी सवालों का विस्तारपूर्वक जवाब देते हुए अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से कानूनी प्रावधानों को समझाया।
पुलिस अधीक्षक श्री चन्द्र मोहन ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों की सही जानकारी प्रत्येक अनुसंधान अधिकारी के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण एवं सेमिनार से पुलिस अधिकारियों को कानून की नवीनतम जानकारी प्राप्त होती है, जिससे अनुसंधान को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को सेमिनार में प्राप्त जानकारी को अपने दैनिक अनुसंधान कार्य में प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए।


