
क्यूबा के राजदूत ने किया कुवि का शैक्षणिक दौरा।
थानेसर,प्रमोद कौशिक/ संजीव कुमारी 22 मई : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए क्यूबा गणराज्य के उच्चस्तरीय राजनयिक प्रतिनिधिमंडल का स्वागत शुक्रवार को कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने किया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लाेस मार्सान एगुइलेरा ने किया, जबकि उनके साथ उप-राजदूत ग्वाडालूपे डे रेग्ला फ्रोमेटा गोमेज़ भी मौजूद रहीं।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि यह दौरा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और क्यूबा के बीच इंजीनियरिंग, फार्मेसी तथा खेल क्षेत्रों में रणनीतिक एवं शैक्षणिक साझेदारी स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि क्यूबा के साथ यह सहयोग विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने, अनुसंधान करने और नई तकनीकों को समझने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वैश्वीकरण समय की आवश्यकता है और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय इस दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र में दोनों पक्षों के बीच विस्तृत समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसके बाद सहयोगात्मक कार्यक्रमों को औपचारिक रूप से शुरू किया जाएगा। यह पहल न केवल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी, बल्कि विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएं भी उपलब्ध कराएगी।
क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लाेस मार्सान एगुइलेरा ने कहा कि भारत और क्यूबा के बीच शिक्षा, अनुसंधान और खेल के क्षेत्र में यह सहयोग दोनों देशों के युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय की अत्याधुनिक सुविधाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और खेल अवसंरचना की सराहना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए उपयुक्त मंच बताया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में दोनों पक्षों ने भारत और क्यूबा के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों तथा साझा मूल्यों को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई। बैठक के दौरान छात्र एवं शिक्षक विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, नवाचार आधारित शिक्षण प्रणाली और संस्थागत सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दोनों संस्थाएं इंजीनियरिंग एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मिलकर सतत विकास से जुड़ी परियोजनाओं पर कार्य करेंगी। इसके अंतर्गत नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, आपदा-रोधी अवसंरचना, स्मार्ट टेक्नोलॉजी तथा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे विषयों पर शोध एवं तकनीकी सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। फार्मेसी एवं बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दवा अनुसंधान, जैव प्रौद्योगिकी, जनस्वास्थ्य, निवारक चिकित्सा और नई औषधियों के विकास पर संयुक्त रिसर्च की योजना बनाई गई है। दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए शोध आधारित समाधान विकसित करने पर विशेष बल दिया। खेल क्षेत्र में यह साझेदारी विशेष महत्व रखेगी। क्यूबा की मुक्केबाजी और एथलेटिक्स में विश्वस्तरीय उपलब्धियों तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट खेल संस्कृति और आधुनिक खेल सुविधाओं को एक मंच पर लाने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत संयुक्त प्रशिक्षण शिविर, अंतरराष्ट्रीय कोचिंग कार्यशालाएं, स्पोर्ट्स साइंस सेमिनार और खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। औपचारिक वार्ता के बाद क्यूबा प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) तथा विशाल खेल परिसर का दौरा किया। इस अवसर पर उप-राजदूत ग्वाडालूपे डे रेग्ला फ्रोमेटा गोमेज, कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा मौजूद रहे।


