
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : अखिल भारतीय साहित्य परिषद ब्रज प्रांत के तत्वाधान में आज वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती निरुपमा अग्रवाल के प्रभात नगर, स्थित आवास पर एक विचार गोष्ठी/काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया । गोष्ठी का विषय था “साहित्य में मानव प्रेम की अवधारणा” बैठक की अध्यक्षता साहित्यकार सतीश नारायण सत्या ने की । कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोफेसर विनीता सिंह द्वारा किया गया । कार्यक्रम का शुभारम्भ विमलेश चन्द्र दीक्षित द्वारा प्रस्तुत माँ सरस्वती की वंदना से हुआ।गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि प्रेम मानव ह्रदय की सबसे उद्दात भावना है I यह शाश्वत और चिरंतन है । वर्तमान समय में युद्ध से जूझ रहे विश्व को मानव प्रेम की भावना की नितांत अवश्यकता है I जिससे मानवता को युद्ध की विभीषिका से बचाया जा सके ।
प्रांतीय मीडिया प्रभारी कुलदीप वर्मा ने कहा कि प्रेम के विविध रुप होते हैं इनमे मानव प्रेम सबसे श्रेष्ठ है I इस अवसर पर गोष्ठी में उपस्थित साहित्यकारों ने अपनी अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को मानव प्रेम की भावना से ओत प्रोत कर दिया I
इस अवसर डॉक्टर विमलेश चन्द्र दीक्षित, निरुपमा अग्रवाल, एस के कपूर, उमेश त्रिगुणायत अद्भुत, राम कुमार भारद्वाज अफरोज, प्रोफेसर विनीता सिंह, सत्यवती सिंह सत्या, रितेश कुमार साहनी, डॉक्टर रवि प्रकाश शर्मा एवं रमेश रंजन तथा आयुष्मान सिसोदिया ने काव्य पाठ कर सभी की खूब बाहबाही लूटी ।कार्यक्रम के अंत में प्रांतीय संयुक्त महामंत्री निरुपमा अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया I


