
समाज की नींव शिक्षा को मजबूत करने वाले स्तंभ होते हैं शिक्षक।
उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कोर्स पूरा करने वाली महिलाओं व युवतियों को सर्टिफिकेट देकर किया सम्मानित।
गांव बिहोली की 15 महिलाओं को वितरित की गई सिलाई मशीनें।
लाडवा, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 3 मई : हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि यह 9 दिनों का प्रशिक्षण महिलाओं के लिए एक नई ऊर्जा, नई सोच और नई दिशा लेकर आया है। यहां महिलाओं ने नई शिक्षण विधियों को सीखने के साथ-साथ एक-दूसरे के अनुभवों से भी बहुत ज्ञान अर्जित किया है। यहां पर जो भी सीखा या ज्ञान मिला है, उसे अपने परिवार, आस- पड़ोस, समाज और गांवों में अन्य महिलाओं तक जरूर पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि हमारे गांवों और छोटे कस्बों में शिक्षिकाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यहां आप सिर्फ पढ़ाने का काम नहीं करतीं, बल्कि पूरे समाज को जागरूक करने का कार्य करती हैं। आप बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं, उन्हें आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखाती हैं।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी रविवार को गांव बिहोली के सामुदायिक केंद्र में उषा सिलाई स्कूल व जिला युवा विकास संगठन के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे 9 दिवसीय आवासीय शिक्षिका प्रशिक्षण के समापन अवसर पर बोल रही थी। कार्यक्रम में पहुंचने पर उपाध्यक्षा सुमन सैनी का सरपंच आशा देवी ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में कोर्स पूरा करने वाली महिलाओं को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान 15 महिलाओं को सिलाई मशीनें भी वितरित की गई।
उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि यह 9 दिवसीय आवासीय शिक्षिका प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मंच है जहां सीखने, समझने और खुद को निखारने का अवसर मिलता है। जिला युवा विकास संगठन और उषा इंटरनेशनल लिमिटेड की महत्वपूर्ण पहल ने महिलाओं को सशक्त बनाने का रास्ता दिखाया है। संस्था ने शिक्षिकाओं के विकास के लिए जो प्रयास किया है, वह निश्चित रूप से समाज के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की नींव होती है और शिक्षक उस नींव को मजबूत करने वाले स्तंभ होते हैं। एक शिक्षिका सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देती, बल्कि वह भविष्य को आकार देती है, उनके अंदर आत्मविश्वास जगाती है और उन्हें एक अच्छा इंसान बनने की दिशा दिखाती है। इसलिए आपका योगदान बहुत बड़ा और अमूल्य है। उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब केवल किताबों तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। हमें बच्चों को जीवन के कौशल, नैतिक मूल्यों और व्यवहारिक ज्ञान से भी जोड़ना होगा। यही कारण है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम बहुत जरूरी हैं, ताकि हम खुद को समय के साथ अपडेट कर सकें।
उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि आज हमारी बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं चाहे वह शिक्षा हो, खेल हो, विज्ञान हो या प्रशासन और इस सफलता के पीछे कहीं न कहीं एक शिक्षिका का हाथ जरूर होता है। इस प्रशिक्षण का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह आपको आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगा। आज के समय में जरूरी है कि हम आर्थिक और मानसिक रूप से मजबूत बनें। जब एक महिला सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और समाज सशक्त होता है। उन्होंने कहा कि सरकार भी शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लगातार प्रयास कर रही है। कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, ताकि महिलाओं को बेहतर अवसर मिल सकें और वे अपने सपनों को पूरा कर सकें। लेकिन इन योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने में आप जैसी शिक्षिकाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इस मौके पर सीएम मीडिया कोऑर्डिनेटर तुषार सैनी, मंडल अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह, मंडल अध्यक्ष शिव गुप्ता, सरपंच आशा देवी, परमजीत बड़ोला, परमजीत कश्यप, सुनील सैनी, नीलम छिकारा, दीप सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।


