
रायबरेली, 23 जून 2026
रिपोर्टर: विपिन राजपूत
राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक कोचिंग संस्थान में आग लगने की दर्दनाक घटना के बाद रायबरेली जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के कड़े रुख के बाद आज जनपद में संचालित कोचिंग संस्थानों का सघन और औचक निरीक्षण किया गया। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मानकों की अनदेखी करने वाले 12 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सील कर दिया गया है, जिससे संचालक मंडल में हड़कंप मच गया।
आला अधिकारियों ने खुद संभाली कमान
जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह, और अपर जिलाधिकारी न्यायिक/सचिव रायबरेली विकास प्राधिकरण विशाल कुमार यादव ने संयुक्त रूप से भारी पुलिस बल के साथ विभिन्न कोचिंग सेंटरों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
इन मानकों की हुई जांच, मिलीं गंभीर कमियां
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं की पड़ताल की:
- अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers): सिलेंडरों की उपलब्धता और उनके चालू होने (वर्किंग कंडीशन) की स्थिति।
- आपातकालीन निकास (Emergency Exit): किसी हादसे के वक्त बच्चों के सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता।
- विद्युत वायरिंग व इंफ्रास्ट्रक्चर: जर्जर तार और शॉर्ट-सर्किट की संभावनाओं की जांच।
- क्षमता से अधिक भीड़: हॉल में क्षमता से ज्यादा छात्र-छात्राओं को बिठाने की स्थिति।
जांच में कई नामी संस्थानों में भी सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन पाया गया, जिस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए विकास प्राधिकरण ने तत्काल 12 संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की।
“विद्यार्थियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करना और फायर विभाग से NOC लेना अनिवार्य है।”
— सरनीत कौर ब्रोका, जिलाधिकारी, रायबरेली
CCTV और मॉक ड्रिल के निर्देश, जारी रहेगी कार्रवाई
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने कोचिंग संचालकों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि भीड़भाड़ वाले इन संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह सक्रिय होने चाहिए और आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित सूचना प्रणाली (Emergency Alarm) विकसित की जाए। इसके साथ ही छात्रों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर मॉक ड्रिल कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और बिना फायर NOC या नियमों के खिलाफ चल रहे संस्थानों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण टीम में ये रहे शामिल:
इस वृहद अभियान के दौरान उप जिलाधिकारी सदर गौतम सिंह, डिप्टी कलेक्टर सचिन यादव, फायर सेफ्टी ऑफिसर, और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित विभागों के आला अफसर मौजूद रहे।


