
पटवध, आजमगढ़
पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार शर्मा की बड़ी कार्रवाई से खुला राशन घोटाला, 90 कुंतल से अधिक खाद्यान्न गबन का पर्दाफाश
आजमगढ़ जनपद के विकासखंड बिलरियागंज क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत एक बड़े राशन घोटाले का खुलासा हुआ है। पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार शर्मा की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से लगभग 90.19 कुंतल खाद्यान्न के गबन का मामला सामने आया है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
यह मामला 13 मई 2026 का है, जब उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बिलरियागंज गोदाम से उचित दर विक्रेताओं को भेजे जा रहे खाद्यान्न वितरण का औचक निरीक्षण किया गया। इसी दौरान दुल्लहपार अंडरपास के पास ट्रक संख्या यूपी 93 टी 4551 की जांच में 15 बोरी गेहूं कम पाए जाने पर संदेह गहरा गया।
जांच आगे बढ़ाई गई तो ट्रक को विकासखंड बिलरियागंज के ग्राम पंचायत मिरिया रेहड़ा स्थित उचित दर विक्रेता योगेश कुमार की दुकान पर ले जाया गया। यहां जून 2026 माह के लिए 22.50 कुंतल गेहूं का उठान दर्ज था।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी सगड़ी एवं पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार शर्मा की मौजूदगी में जब दुकान का ताला खुलवाया गया तो स्थिति चौंकाने वाली निकली। दुकान में मात्र 2 बोरी गेहूं (लगभग 1 कुंतल) और 6 बोरी चावल (लगभग 3 कुंतल) ही मौजूद पाए गए।
जबकि सरकारी रिकॉर्ड और ऑनलाइन स्टॉक के अनुसार दुकान में अप्रैल–मई का अवशेष तथा जून माह का आवंटन मिलाकर कुल 6.38 कुंतल गेहूं और 87.81 कुंतल चावल उपलब्ध होना चाहिए था।
जांच में स्पष्ट हुआ कि कुल 5.38 कुंतल गेहूं और 84.81 कुंतल चावल, यानी लगभग 90.19 कुंतल खाद्यान्न गायब है। जब पूर्ति निरीक्षक द्वारा विक्रेता से स्टॉक रजिस्टर और अभिलेख मांगे गए तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और न ही रिकॉर्ड प्रस्तुत कर पाया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर ही निर्णय लिया गया कि जून माह का खाद्यान्न उसी विक्रेता की दुकान पर न उतारकर अन्य उचित दर विक्रेता गुलाब राम (ग्राम पंचायत जमीन फरेंदा) की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखा जाए। साथ ही उपलब्ध खाद्यान्न भी सुरक्षित रूप से वहीं जमा कराया गया।
इस पूरे प्रकरण में पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार शर्मा की सख्त निगरानी और त्वरित निर्णय से बड़ा घोटाला उजागर हुआ है, जिसकी क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से राशन माफियाओं पर नकेल कसेगी और गरीबों का हक सुरक्षित रहेगा।
जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद आरोपी उचित दर विक्रेता योगेश कुमार का अनुबंध निलंबित करने तथा उनके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति की गई है। पुलिस को मामले में आगे की विधिक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।


