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शिक्षक दिवस के अवसर पर सेवानिवृत शिक्षकों को बरेली के सांसद द्वारा किया गया सम्मानित

दीपक शर्मा (जिला संवाददाता)

बरेली : उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ बरेली द्वारा प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी 5 सितम्बर के दिन को देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के रूप में मनाया गया। संगठन ने इस बार शिक्षक दिवस का आयोजन बरेली के ओशी बैंक्वेट हॉल, 100 फुटा रोड पर आयोजित किया। इस कार्यक्रम में बरेली के सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार को मुख्य अतिथि के रूप आमंत्रित किया गया वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल, नवाबगंज विधायक डॉ. एम पी आर्य के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक अजीत कुमार व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह को आमंत्रित किया गया। शिक्षक दिवस के इस मौके पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख रखे दीप को प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इस मौके पर सभी सम्मानित अतिथिगणों ने बारी-बारी से मां सरस्वती और डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। मुख्य अतिथि सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार द्वारा सभी उपस्थित सेवानिवृत शिक्षकों को सम्मानित किया गया। शिक्षक दिवस के इस अवसर पर कंपोजिट विद्यालय जोगीठेर के इंचार्ज प्रधानाध्यापक रमेश सागर ने बरेली के सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा भेंट करते हुए अपने संबोधन में कहा कि “शिक्षक दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उस विचारधारा का सम्मान है जिसे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अपने जीवन से जीवंत किया, वह न केवल भारत के राष्ट्रपति थे, बल्कि एक ऐसे शिक्षक भी थे जिन्होंने ज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जीवन जीने की कला बना दिया। उन्होंने कहा था, ‘सच्चे शिक्षक वे ही हैं जो हमें अपने लिए सोचने में मदद करते हैं’ और यही सोच आज भी शिक्षा की आत्मा है। उन्होंने डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन और वंदन करते हुए कहा कि आज के दिन हम एक ऐसे युगपुरुष को भी स्मरण करते चले जिनकी दृष्टि, संघर्ष और शिक्षा के प्रति समर्पण ने भारत को एक नई दिशा दी और वह नाम हैं बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम ही नहीं माना, बल्कि इसे सामाजिक परिवर्तन का सबसे शक्तिशाली हथियार बताया। उन्होंने कहा था कि “शिक्षा वह शस्त्र है जिससे समाज को बदला जा सकता है।” इस अवसर पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की तरफ से प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार, मांडलिक मंत्री के सी पटेल, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेमपाल गंगवार, जिला कोषाध्यक्ष योगेश गंगवार, जिला मंत्री बलबीर सिंह के साथ सेंकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।

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