
पंजाबी समाज की भावनाओं को आहत करने वाले बयान की कड़ी निंदा की,
सागर मलिक
पंजाबी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है.
दो दिन पूर्व कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत की मौजूदगी/छत्रछाया में कांग्रेस नेत्री अकांक्षा नेगी द्वारा दिया गया कथित बयान बेहद आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि बयान का वीडियो और उसके संदर्भ की पुष्टि होती है, तो उसमें प्रयुक्त शब्दों ने उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देशभर के पंजाबी समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाई है।
पंजाबी समाज ने देश की एकता, अखंडता और विकास में हमेशा महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में किसी भी राजनीतिक दल या नेता द्वारा ऐसी भाषा का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं हो सकता।
हम संबंधित कांग्रेस नेतृत्व और प्रशासन से मांग करते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, बयान की सत्यता और संदर्भ की जांच हो तथा यदि कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
साथ ही, ऐसे बयान देने वालों और उन्हें संरक्षण या प्रोत्साहन देने वाले जिम्मेदार राजनीतिक लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
पंजाबी समाज अपमानजनक भाषा का विरोध करता है, लेकिन हमारा विरोध लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से होगा।
उत्तराखंड में बसे पंजाबी समुदाय के विषय में श्सुश्री आकांशा नेगी_ द्वारा हमारे समुदाय के विरुद्ध की गई अत्यंत आपत्तिजनक, अपमानजनक और पीड़ादायक टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हैं।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है कि उन्होंने उन पंजाबियों के विरुद्ध अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया है, जिन्होंने विभाजन के समय अपना सब कुछ – अपना घर, अपनी संपत्ति, अपनी जमीन-जायदाद छोड़कर खाली हाथ भारत आकर अपनी कड़ी मेहनत, ईमानदारी और खून-पसीने से देश को बनाने का कार्य किया।
पंजाबी समुदाय सदैव देश के लिए बलिदान, देशभक्ति और सेवा में सबसे अग्रणी रहा है। इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना बयान समाज में नफरत और वैमनस्य फैलाने का कार्य करते हैं।
हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा एक गैर-राजनीतिक संगठन है। हमारी भूमिका नागरिकों, विशेषकर जरूरतमंद व्यक्तियों के कल्याण हेतु कार्य करना है।
बैठक में श्री पी.एस. कोचर (कोषाध्यक्ष), श्री जी.एस. आनंद (संगठन मंत्री), श्री मोन्टी कोहली (उपाध्यक्ष), श्री वी.के. कथूरिया (मीडिया प्रभारी), श्री बलदेव पराशर (जिला अध्यक्ष), श्री गोविंद मोहन (महामंत्री), श्री विनोद कपूर (वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री सुरिंदर घई, श्री मनोज धवन, सुश्री प्रियंका आनंद, नलिनी तनेजा आदि ने भाग लिया और समस्त पंजाबी समाज की ओर से सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया।
हमारी माँगें:
- श्री आकांशा नेगी तुरंत अपना बयान वापस लें
- भावनाओं को आहत करने पर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।


