
लखनऊ। लोकतंत्र सेनानी कल्याण समिति के संरक्षक और पूर्व मंत्री यशवंत सिंह ने कहा है कि राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर के विचार आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण के आधार और प्रेरणास्रोत हैं। वह जो कहते थे, उसे ही अपने जीवन में जीते थे और उनका मुख्य उद्देश्य स्वदेशी के पथ पर चलकर देश को मजबूत बनाना था।
बुधवार को लखनऊ स्थित ‘चन्द्रशेखर चबूतरा’ पर आयोजित एक विशेष स्मृति सभा में पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यशवंत सिंह ने कहा, “राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर जी का तन आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके विचार हमेशा जीवंत रहेंगे। उनके दिखाए गए मार्ग और विचारों पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।”
दलीय सीमाओं से ऊपर था चन्द्रशेखर जी का व्यक्तित्व
स्मृति सभा को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री विजय प्रताप, रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सचिव उमाशंकर और पूर्व विधायक मदन गोविंद राव ने कहा कि चन्द्रशेखर जी का विराट व्यक्तित्व हमेशा दलीय सीमाओं से ऊपर था। नेताओं ने इस बात की भी सराहना की कि उनकी स्मृति में आयोजित यह सभा भी किसी राजनीतिक दल की सीमाओं में बंधी नहीं थी, जिसके लिए उन्होंने पूर्व मंत्री यशवंत सिंह के प्रयासों की खुलकर तारीफ की।
गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष विभ्राट कौशिक और लोकतंत्र सेनानी कल्याण समिति के संयोजक धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव ने भी पूर्व प्रधानमंत्री के योगदान को याद करते हुए अपने विचार साझा किए।
प्रमुख हस्तियों ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन
इस स्मृति सभा में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
श्रद्धांजलि देने वालों में मुख्य रूप से शामिल रहे:
पूर्व मंत्री गौरी भैया की पुत्री श्रीमती शैलजा सोलंकी
वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र त्रिपाठी और राधेकृष्ण
लोकतंत्र सेनानी कल्याण समिति के अध्यक्ष रामसेवक यादव, राधे लाल वाजपेई, के डी पाठक व आर पी अवस्थी
शिवशंकर उपाध्याय, सामाजिक सेनानी जगदीश राय, चतुर्भुज सिंह, रमेश सिंह, मनोज सिंह, अर्जुन सिंह, संयोग सिंह, अमित सिंह, विजयशंकर चौबे, संजय गुप्ता, अतुल चौबे, चंचल चौबे, राहुल पाल, योगेश सिंह, अमित प्रजापति और पप्पू पाल।


