
कुरुक्षेत्र पिपली, प्रमोद कौशिक/वरुण कौशिक,अमित 13 मई : श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली, कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरु धारा हिमाचल के ज़ोनल कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि समर्थगुरु धाम मुरथल हरियाणा के संस्थापक समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया के
सान्निध्य में भावनगर, गुजरात में आयोजित होने वाले सिद्धार्थ ध्यान योग कार्यक्रम के 54 नए प्रतिभागियों को ऑनलाइन नाद दीक्षा और माला दीक्षा प्रदान की। सभी नए साधक प्रतिभागियों ने अपनी कृतज्ञता और अहोभाव समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया और समर्थगुरु धारा के सभी आचार्यों के प्रति प्रकट किया।
नए साधकों ने अपनी श्रद्धा और भक्ति भावना अपने सदगुरु और गोविन्द के प्रति रखकर अपनी आध्यात्मिक यात्राएँ शुरू की। शिकायत से अहोभाव की यात्रा ही अध्यात्म है। ट्विटर के माध्यम से आदरणीय समर्थगुरू जी ने आज बताया कि अकारण तृप्ति का एहसास आनंद है,अपने आप में तृप्त हो। कैसे पता चलेगा कि तुम तृप्त हो गए,कसौटी क्या है? अष्टावक्र कहते हैं – मैं अतीत का शोक नहीं करता और भविष्य की कोई कामना नहीं।यह पहचान है कि तुम तृप्त हो गए। यह तृप्ति की स्थिति है,आनंद की स्थिति है।


