
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : मोहर्रम के मुकद्दस महीने की 5 तारीख को लेकर शहर में तैयारियां मुकम्मल हो चुकी हैं। इस खास मौके पर सुभाष नगर स्थित पुरवा बब्बन खाँ मोहल्ले में स्थित ऐतिहासिक व 167 वर्ष पुराना ‘चुम्मन बी का पुश्तैनी इमामबाड़ा’ अकीदतमंदों की हाजिरी और जियारत के लिए पूरी अकीदत के साथ सजाया जाएगा। रविवार को बाद नमाज़-ए-असर से ही यहाँ अकीदतमंदों के आने और मन्नतें मांगने का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जो देर रात तक जारी रहेगा।
पुश्तैनी विरासत को सँभाले हैं सलमा और फरजाना
इमामबाड़े की देखरेख करने वालीं सलमा खान और फरजाना आर. खान ने बताया कि यह इमामबाड़ा हज़रत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में 167 वर्षो से पुश्तैनी विरासत के तौर पर हर साल मोहर्रम की 5 तारीख को इसे विशेष रूप से सजाया जाता है। रविवार सुबह से ही इमामबाड़े को सजाने और संवारने का काम शुरू कर दिया जाएगा, ताकि शाम को आने वाले अकीदतमंदों शामिल हो सके। खास बात: इस ऐतिहासिक इमामबाड़े से स्थानीय लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। मोहर्रम की 5 तारीख को यहाँ न सिर्फ स्थानीय बल्कि शहर के कोने-कोने से लोग मन्नतें मांगने और अपनी अकीदत के फूल पेश करने पहुँचते हैं।


