
सीएमओ ने किया औचक निरीक्षण, सठियाँव में तीन कर्मचारी अनुपस्थित मिलने पर स्पष्टीकरण तलब
आयुष्मान, टीकाकरण, पल्स पोलियो एवं अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा
आजमगढ़।
जनपद के 76 स्वास्थ्य संस्थानों पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में रविवार को कुल 1691 मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। मेले में 747 पुरुष, 744 महिला एवं 200 बच्चों का पंजीकरण कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मेले के सफल संचालन के बीच मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहगढ़ एवं उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सठियाँव का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला के दौरान विभिन्न रोगों से संबंधित मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया। इनमें 294 गैस्ट्रो रोगी, 264 मधुमेह रोगी, 198 त्वचा रोगी, 147 श्वसन रोगी, 81 उच्च रक्तचाप के मरीज, 29 लीवर रोगी, 27 एनीमिया के मरीज तथा 3 टीबी रोगी चिन्हित किए गए। इसके अतिरिक्त 85 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गई तथा 106 कुपोषित बच्चों को आवश्यक परामर्श एवं सेवाएं प्रदान की गईं। कुल 11 मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार हेतु रेफर किया गया।
मेले के दौरान 54 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान गोल्डेन कार्ड बनाए गए। कोविड हेल्प डेस्क पर 137 व्यक्तियों की जांच की गई। जनपद के सभी 76 निर्धारित स्थलों पर मेला आयोजित हुआ, जिसमें 81 चिकित्सकों एवं 283 पैरामेडिकल कर्मियों ने सेवाएं प्रदान कीं।
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहगढ़ पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला सुव्यवस्थित रूप से संचालित होता पाया गया। यहां सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित मिले तथा मरीजों को निर्धारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने स्वास्थ्यकर्मियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं बनाए रखने के निर्देश दिए।
इसके उपरांत उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सठियाँव के निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका की जांच में श्री रमेश गुप्ता (एचईओ), श्री अभिषेक पाण्डेय (ओईटी) तथा श्री शैलेन्द्र कुमार (एक्स-रे टेक्नीशियन) बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों से तत्काल स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत गोल्डेन कार्ड निर्माण, नियमित टीकाकरण, एचपीवी वैक्सीनेशन, आगामी पल्स पोलियो अभियान, संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति एवं तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, लक्ष्यपूर्ति तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला शासन की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल है, जिसके माध्यम से आमजन को उनके निकट गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेगा। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

