नालसा द्वारा संचालित ‘आशा‘ इकाई के संबंध में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

कोण्डागांव, 03 जुलाई 2025/ माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा संचालित योजना के तहत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव श्रीमती किरण चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिला कोण्डागांव का नालसा द्वारा संचालित जिला (आशा-जागरूकता, समर्थन, सहायता और कार्रवाई) मानक संचालन प्रक्रिया-बाल विवाह से मुक्ति की ओर अग्रसर, 2025, में गठित समिति के सदस्यों के साथ एक दिवसीय कार्यशाला/प्रशिक्षण जिला परिवार न्यायालय परिसर पर स्थित मध्यस्थता केन्द्र में रखा गया।
कार्यशाला/प्रशिक्षण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोण्डागांव श्रीमती रेशमा बैरागी पटेल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव के सचिव गायत्री साय तथा उपस्थित नालसा द्वारा संचालित अभियान जिला श्साथीश् इकाई गठित समिति के साथ कार्याशाला आयोजन हुआ।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह से मुक्ति की ओर अग्रसर करना तथा बाल विवाह के बारे में जागरूकता बढ़ाना और इसके खिलाफ लड़ने के लिए सामुदायिक स्तर पर प्रयास करना रहा।
प्रशिक्षण/कार्याशाला में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महोदया ने बताया कि बाल विवाह अपराध को समाप्त करने के उद्देश्य से आशा यूनिट का गठन किया गया है। बाल विवाह जैसी सामाजिक प्रथा के विरूद्ध व्यापक जन-जागरूकता, समन्वित प्रयास तथा कानूनी प्रतिबद्धता को आवश्यक बताया। नालसा द्वारा जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया, बाल विवाह की रोकथाम के लिए एक प्रभावशाली करने तथा बाल विवाह को रोकने हेतु ग्रामणी व शहरी क्षेत्रों में आशा यूनिट द्वारा शिविर आयोजित करके आमजनों तक जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर सचिव महोदया के द्वारा नालसा की आशा योजना एवं एसओपी प्रमुख बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में प्रशासनिक इकाई के द्वारा तहसील स्तर, एवं थाना क्षेत्रों में ग्राम कोटवार की बैठक कर गांवो में होने वाले बाल विवाह की सूचना ग्राम कोटवारों के माध्यम से सरपंच, पंच व ग्रामिणों, मितानीन तथा आंगनबाड़ी कार्यकताओं से पता करने तथा स्कुल, कॉलेजों व अन्य शिक्षा संस्थानों में छात्र-छात्राओं को बाल विवाह के निवारण के संबंध विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर बाल विवाह को मुक्त करने के संबंध में चर्चा की गई।
उक्त कार्यशाला में राजस्व विभाग से तहसीलदार, चिकित्सा विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण विभाग, बालक/बालिका गृह विभाग, प्रतिधारक अधिवक्ता, चिफ एलएडीसीएस, पैनल अधिवक्ता, अधिकार मित्र एवं अन्य आशा यूनिट के सदस्य उपस्थित रहे

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