Uncategorized

देवप्रबोधिनी एकादशी को श्रद्धा और भक्ति से भक्तों ने भगवान शालिग्राम और तुलसी का विवाह किया :ज्योतिषाचार्य डॉ. मिश्रा

कुरुक्षेत्र, वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक : श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली, कुरुक्षेत्र के पीठाधीश ज्योतिषाचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा के निर्देशन में देवप्रबोधिनी एकादशी को भक्तों ने सामूहिक रीति से भगवान शालिग्राम और तुलसी जी का वैदिक शास्त्रों अनुसार विवाह किया गया। कार्तिक शुक्ल एकादशी को देवप्रबोधन एकादशी मनाई जाती है। मान्यता है कि देव प्रबोधन मंत्रों से दिव्य तत्वों की जागृति होती है।
मुख्य यजमान श्री ज्ञान चन्द शर्मा, श्रीमति सरोज शर्मा, राकेश शर्मा, श्रीमती निर्मल, संदीप शर्मा, मोनिका शर्मा के परिवार से पंडित राहुल मिश्रा ने वैदिक मंत्रोचारण पूजा करवाई।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि चार्तुमास की समाप्ति के बाद आज भगवान विष्णु जाग रहे है। मां तुलसी और भगवान शालिग्राम के विवाह के साथ ही आज से मांगलिक और शुभ कार्य प्रारंभ हो रहे है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवप्रबोधिनी एकादशी कहते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार देवप्रबोधिनी एकादशी के दिन ही भगवान विष्णु चार महिनों की नींद से जागते हैं। इसे देवोत्थानी या देवउठनी एकादशी भी कहते है।
ढोल बाजें के साथ नगर खेड़े से भगवान शालिग्राम की बारात निकाली गयी जिसमें भक्त सुशील तलवाड़, संगीता तलवाड़ सतपाल धर्मसौत,सतपाल सैनी,सतपाल बंसल,महेंद्र सैनी ,मोहित बंसल,सुमित गोयल आदि सम्मिलित रहे।
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार कार्तिक शुक्ल एकादशी को पूजा-पाठ, व्रत-उपवास किया जाता है। इस तिथि को रात्रि जागरण भी किया जाता है। देवप्रबोधिनी एकादशी पर भगवान विष्णु को धूप, दीप, नैवद्य, पुष्प, गंध, चंदन, फल और अर्घ्य आदि अर्पित किया भगवान विष्णु जी की प्रसन्नता हेतु सुमित्रा पाहवा,मिश्री देवी गर्ग,शिमला धीमान,पायल सैनी,ऊषा शर्मा,आशा कवात्रा, शांता कंसल, अनु पाहवा , सीमा परुथी, कोमल मेहरा और पूजा तलवाड़ आदि भक्तों ने संकीर्तन और आरती की। पूजा अर्चना के बाद सभी भक्तों ने प्रसाद श्रद्धा अनुसार लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
plz call me jitendra patel