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आजमगढ़: दबंगों से परेशान संत, महंत निर्मल दास ने मांगी सुरक्षा रामघाट कुटी विवाद

आजमगढ़: दबंगों से परेशान संत, महंत निर्मल दास ने मांगी सुरक्षा रामघाट कुटी विवाद।

राम जानकी मंदिर रामघाट कुटी के महंत ने उठाई सुरक्षा की मांग

आजमगढ़। मेहनगर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवकली खरगपुर स्थित राम जानकी मंदिर रामघाट कुटी एक बार फिर दबंगों की दबंगई को लेकर सुर्खियों में है। कुटी के महंत श्री श्री 1008 निर्मल दास जी महाराज ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ग्राम सभा के कुछ दबंग लोग उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और कुटी का माहौल बिगाड़ने की साजिश में लगे हुए हैं।
महंत जी का आरोप है कि ये लोग कुटी में आने वाले साधु-संतों और साध्वियों को अपमानित करते हैं, उनके खिलाफ चरित्र हनन और बदनाम करने की कोशिश करते हैं तथा जानबूझकर कुटी प्रांगण में विवाद की स्थिति पैदा करते रहते हैं। यह सब सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है ताकि संत समाज को डराया-धमकाया जा सके।
महंत निर्मल दास जी ने बेहद गंभीर खुलासा करते हुए बताया कि इसी कुटी से जुड़े प्रकांड विद्वान श्री बलिराम दास जी महाराज की पूर्व में निर्मम हत्या कर दी गई थी। उस घटना के बाद प्रशासन द्वारा कुटी पर 24 घंटे पुलिस सुरक्षा तैनात की गई थी, जिससे स्थिति नियंत्रित रही।
लेकिन कुछ समय बाद यह सुरक्षा व्यवस्था हटा ली गई, जिसके बाद दबंगों के हौसले बुलंद हो गए और वे फिर से खुलेआम उत्पात मचाने लगे।
महंत श्री निर्मल दास जी महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि—
“कुटी की सुरक्षा के लिए यहां स्थायी रूप से पुलिस तैनात की जाए और मुझे व्यक्तिगत सुरक्षा गार्ड भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि संत समाज की रक्षा हो सके।”
उन्होंने कहा कि एक साधु गृहस्थ जीवन त्यागकर समाज को धर्म, आस्था और भजन-कीर्तन से जोड़ने का कार्य करता है, न कि डर और अपमान सहने के लिए।
महंत जी ने भावुक होते हुए कहा कि वे सन 2007 से इस कुटी में रहकर इसे सुंदर, स्वच्छ और श्रद्धा का केंद्र बनाने में लगे हुए हैं। लेकिन आज कुछ असामाजिक तत्वों की हरकतों से उन्हें गहरी मानसिक पीड़ा हो रही है।
“दुख इस बात का है कि आज भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं, जो संत समाज को अपना शत्रु समझते हैं।

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