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कुरुक्षेत्र में लंबित इंतकाल का निपटारा करने के लिए ‘जलसा-ए-आम’ अभियान शुरू : विश्राम कुमार मीणा

एग्रीस्टैक और डिजिटल राजस्व सुधारों को मिलेगी रफ्तार।

कुरुक्षेत्र,(अमित) 8 जनवरी : उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जन सुविधाओं को सुदृढ़ करने और नागरिक- केंद्रित शासन को मजबूती देने की दिशा में हरियाणा सरकार ने समयबद्ध राज्यव्यापी अभियान ‘जलसा-ए-आम’ शुरू किया है। इसके तहत सभी लंबित इंतकाल मामलों का निपटान किया जाएगा। साथ ही एग्रीस्टैक के क्रियान्वयन, डिजिटल राजस्व सुधारों, भूमि विभाजन मामलों के निस्तारण, अंतर-राज्य सीमा चिह्नांकन तथा व्यापक शीतलहर तैयारियों को गति दी जाएगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने अधिकारियों की बैठक में लम्बित इंतकाल को लेकर कुछ आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आदेशानुसार जलसा-ए-आम अभियान जनवरी माह के शनिवारों 10, 17, 24 और 31 जनवरी को आयोजित किया जाएगा, ताकि इंतकाल मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। जनता की असुविधा को कम करने के लिए राज्य ऑटो-इंतकाल की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसके लिए मौजूदा बैकलॉग का प्राथमिकता से निपटान आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम की प्रतिस्थापित धारा 111ए के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए, जो त्वरित निस्तारण का प्रावधान करती है। निस्तारण में तेजी लाने के लिए प्रत्येक सहायक कलेक्टर (द्वितीय श्रेणी) को प्रति माह न्यूनतम 12 विभाजन मामलों का निपटान करने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि कम कार्यभार वाले तहसीलदारों को प्रति माह 20 मामलों का लक्ष्य सौंपा गया है।
उन्होंने कहा कि रेवेन्यू विभाग से संबंधित सभी योजनाओं को नागरिकों के लिए एक पोर्टल पर उपलब्ध करवाया गया है। जिला सहित प्रदेश में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए रजिस्ट्री, इंतकाल, पैमाइश को ऑनलाइन किया गया है। जिला के 392 गांवों में 172344 ततीमा को पूरा कर लिया गया है और बचे हुए 15811 ततीमा के कार्य को 31 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। इसी तरह 4432 ऑनलाइन रजिस्ट्री को पूरा किया जा चुका है। सभी तहसीलों में पेपरलेस रजिस्ट्री की जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिला की बाबैन तहसील से ही पेपरलेस रजिस्ट्री के कार्य का शुभारंभ किया था।
एग्रीस्टैक का रोल आउट और अनुपालन उपाय।
उपायुक्त ने कहा कि एग्री स्टैक को लेकर जिला प्रशासन गांव-गांव में जाकर शिविर आयोजित कर रहा है। अब तक आवेदन करने वाले 16179 किसानों में से 10861 किसानों के रजिस्ट्रेशन को अप्रूव किया जा चुका है।एग्रीस्टैक शिविरों में भूमि स्वामियों की और आधार सीडिंग एक साथ की जाए और इसे एक माह के भीतर पूर्ण किया जाए। पीएम-किसान लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें कृषि विभाग द्वारा भेजे जाने वाले एसएमएस अलर्ट के माध्यम से जुटाया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कृषि, राजस्व और विभागों के अधिकारी फील्ड-स्तरीय शिविरों में एक साझा मंच पर कार्य करें, ताकि आधार-सीडिंग और राजस्व अभिलेखों का अद्यतन निर्बाध रूप से हो सके। इस मौके पर एडीसी विवेक आर्य मौजूद थे।

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