
डूबते व्यक्ति के रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार एवं राहत कार्यों का हुआ सजीव प्रदर्शन
जनपद के अतिसंवेदनशील बाढ़ प्रभावित देवारा सगड़ी क्षेत्र में संभावित बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन करने तथा आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल का संचालन अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह के नेतृत्व में किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों, आपदा राहत दलों तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ के पानी में डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने, उसे प्राथमिक उपचार प्रदान करने तथा तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन किया गया। राहत एवं बचाव दलों ने आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वित कार्यवाही तथा सुरक्षित निकासी की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन कर लोगों को जागरूक किया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सकीय टीम ने रेस्क्यू किए गए व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप परीक्षण तथा आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन की कार्यवाही का प्रदर्शन किया। साथ ही ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान जलजनित रोगों से बचाव, स्वच्छ पेयजल के उपयोग, सर्पदंश की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी दी गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने बताया कि देवारा सगड़ी क्षेत्र प्रतिवर्ष बाढ़ की विभीषिका का सामना करता है। ऐसे क्षेत्रों में पूर्व तैयारी, विभागीय समन्वय तथा जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है। मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित आपदा के समय विभिन्न विभागों की तत्परता का परीक्षण करना तथा आमजन को सुरक्षित रहने के उपायों से अवगत कराना है।
कार्यक्रम के दौरान उपजिलाधिकारी सगड़ी श्याम प्रताप सिंह, डिप्टी सीएमओ सगड़ी डॉ. अविनाश झा, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजमतगढ़ के अधीक्षक डॉ. संजय यादव, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हरैया के अधीक्षक डॉ. संतोष गोंड़ तथा आपदा प्रबंधक डॉ. चंदन कुमार उपस्थित रहे।
मॉक ड्रिल में पीएसी के जवानों, जनपदीय पुलिस, फायर एवं आपातकालीन सेवा, होमगार्ड तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजमतगढ़ एवं हरैया की मेडिकल टीमों ने पूरे समय सक्रिय भूमिका निभाई। विभिन्न विभागों के संयुक्त प्रयासों से आयोजित इस अभ्यास के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों का सफल परीक्षण किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान अफवाहों से बचने, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित विभागों को सूचना देने की अपील की गई।
(डाॅ एन आर वर्मा )
मुख्य चिकित्साधिकारी
आजमगढ़

