
आईआईएम संबलपुर के निदेशक प्रोफेसर महादेव जायसवाल ने ली एसवीएसयू में मास्टर क्लास।
कॉलेबोरेटिव लर्निंग और कॉग्निटिव एआई का महत्व बताते हुए कहा जो नहीं बदलेंगे वो अप्रासंगिक हो जाएंगे।
गुरुग्राम,प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 11 जून : आईआईएम संबलपुर के निदेशक प्रोफेसर महादेव जायसवाल ने बृहस्पतिवार को श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के गुरुग्राम स्थित ट्रांजिट कैंपस में प्रबन्धन संकाय के शिक्षकों को कॉलेबोरेटिव लर्निंग और कॉग्निटिव एआई का पाठ पढ़ाया। अपनी मास्टर क्लास में उन्होंने कोलैबोरेटिव लर्निंग के गुर सिखाते हुए कहा कि अब शिक्षण के तौर तरीकों में क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं। एआई के प्रयोग से तकनीक और मानवीय ज्ञान एक मंच पर आ गए हैं। शिक्षक को अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए अब और नवाचारी व रचनात्मक बनना होगा।
कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने प्रोफेसर महादेव जायसवाल का एसवीएसयू कैंपस पहुंचने पर भव्य स्वागत किया और प्रबंधन संकाय के शिक्षकों से एआई के सहयोग से असेसमेंट एवं शिक्षण तकनीक को अपनाने का आह्वान किया। प्रबंधन संकाय के तत्वावधान में स्किल डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा आयोजित इस मास्टर क्लास में प्रोफेसर महादेव जायसवाल ने कहा कि नॉलेज को विद्यार्थियों तक पहुंचाना मात्र अब शिक्षकों का काम नहीं रहा, बल्कि नॉलेज में अपना नवाचार करना और रचनात्मकता से नई चीजें जोड़ना अब शिक्षकों का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने एआई की पांच लेयर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षक की भूमिका भविष्य में और तेजी से बदलने वाली है। शिक्षण का रोडमैप जल्दी से बदल रहा है। प्रोफेसर जायसवाल ने कहा कि
अब मूल्यांकन का कार्य भी एआई अच्छे से कर रहा है। एप्लीकेशन और टूल्स बहुत तीव्रता से और बहुत सटीक तैयार हो गए हैं। आईआईएम संबलपुर ने एआई लर्निंग पर अनूठे प्रयोग किए हैं, जिन्हें देश-दुनिया में सराहा और अपनाया जा रहा है।
कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि देश की प्रमुख स्किल यूनिवर्सिटी होने के नाते एसवीएसयू निरंतर अपने शिक्षण और प्रशिक्षण में नवाचार कर रही है और एआई को उसकी उपयोगिता तथा सार्थकता के अनुसार अपनाया जा रहा है। प्रबंधन संकाय की डीन प्रोफेसर ज्योति राणा ने आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि एआई युग में जो अपेक्षित बदलाव नहीं करेंगे वो अप्रासंगिक हो जाएंगे। उन्होंने प्रबंधन संकाय में एआई टूल्स के सदुपयोग का आह्वान किया। ट्रांजिट कैंपस की निदेशक प्रोफेसर सुजाता शाही, प्रबंधन अध्ययन विभाग की अध्यक्ष डॉ. श्रुति गुप्ता, प्रोफेसर रुचि सक्सेना, प्रोफेसर जॉय कुरियाकोज़े, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी डिपार्टमेंट की अध्यक्ष डॉ. सविता गुप्ता, बैंकिंग एंड फाइनेंस डिपार्टमेंट के अध्यक्ष डॉ. समर्थ सिंह सहित प्रबंधन संकाय के विभिन्न शिक्षकों ने इस मास्टर क्लास में हिस्सा लिया।


