मनरेगा को समाप्त किये जाने के विरूद्ध कॉंग्रेस ने किया चौपाल

चन्दौली।
*मनरेगा को समाप्त किये जाने के विरूद्ध कॉंग्रेस ने किया चौपाल ।
आज दिनाँक – 20 जनवरी दिन मंगल वार को ब्लॉक कॉंग्रेस कमेटी नियामताबाद चंदौली के तत्वाधान में ग्राम सभा कुंडलियां में ज़िलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोज़गार गारंटी योजना का नाम बदलकर उसको समाप्त किये जाने के विरूद्ध कॉंग्रेस जनों ने चौपाल लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन में मौजूद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि मनरेगा कॉंग्रेस सरकार द्वारा,देश के मज़दूरों, ग़रीबों के कल्याण के लिये बनाई गई,विश्व की सबसे बड़ी जन कल्याणकारी योजना है।जिसको भाजपा सरकार नाम बदलने के बहाने समाप्त कर रही है।जिससे भाजपा सरकार का ग़रीब मज़दूर विरोधी चेहरा उजागर होता है। मनरेगा का नाम बदलने के साथ ही
मनरेगा जो केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजना थी,अब नई योजना के तहत उसमें ४०% धन राज्यों को देना होगा।अब जहाँ कई राज्य पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं वहाँ कर्ज़ से बचने के लिए या आर्थिक बोझ के चलते मनरेगा के बजट में कटौती स्वाभाविक है, जिससे स्वतः ही यह योजना खटाई में चली जायेगी।
चौपाल कोसंबोधित करते हुवे ज़िलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा को निरस्त करने का निर्णय एक अत्यंत चिंताजनक व सुनियोजित कदम है।यह कोई सामान्य विधाई प्रक्रिया नहीं है, यह एक ऐतिहासिक अधिकार आधारित जन क़ानून को कमजोर करने और भारत के सबसे ज़्यादा लोकप्रिय कल्याणकारी योजना से महात्मा गाँधी के नाम व मूल्यों को मिटाने का सोचा समझा राजनीतिक प्रयास है।मनरेगा जन आंदोलनों से जन्मा क़ानून है, जो हर हाँथ को काम दो- काम का पूरा दाम दो के वादे को मज़बूत करता है। लेकिन भाजपा सरकार महात्मा गाँधी जी का नाम हटाने के बहाने इस क़ानून को ही समाप्त कर रही है।अब ग़रीबों को रोज़गार गारंटी के अधिकार को कमजोर कर दिया गया है और केंद्र की सरकार भी अपनी पूर्ण ज़िम्मेवारी से पीछे हट गई है। चौपाल कार्यक्रम में सर्व श्री देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना हीरा लाल शर्मा गंगा प्रसाद संजीव तिवारी गोपाल पाठक संतोष चौबे बृजेश कुमार सिंह सहित सैकड़ो कांग्रेस जन व ग्राम वासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अरुण द्विवेदी व संचालन ब्लॉक अध्यक्ष राकेश पाठक ने किया।




