प्रदेश के किसान अब एक एकड़ भूमि से ले सकेंगे 700 क्विंटल गन्ने की उपज

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने तैयार की गन्ने की सीओएच 191 अगैती वैरायटी।
चीनी की रिकवरी में भी होगा 1 से 2 प्रतिशत का इजाफा।
अच्छी तरह बिजाई करने पर बरसात और हवा में नहीं गिरेगी फसल।
किसानों की आय होगी दौगुनी, विश्वविद्यालय की तरफ से अब तक प्रदेश के लगभग 250 किसानों को दिया नई वैरायटी का बीज।
लाडवा के कृषि विकास मेले में किसानों को दिखाई नई वैरायटी की फसल।
लाडवा, (प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी) 1 मार्च : प्रदेश के किसान अब एक एकड़ भूमि से 700 क्विंटल गन्ने की उपज ले सकेंगे। यह गन्ने की नई अगैती वैरायटी है, यह सीओएच 191 अगैती वैरायटी लगाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर पाएगा। इस वैरायटी की खास बात यह है कि जहां चीनी की रिकवरी में 1 से 2 प्रतिशत का इजाफा होगा वहीं बरसात और हवा में गन्ने की फसल गिरने की चिंता भी नहीं रहेगी। अहम पहलू यह है कि प्रयोग के तौर पर कृषि विश्वविद्यालय की तरफ से लगभग 250 किसानों को अगैती वैरायटी का यह बीज वितरित किया जा चुका है।
लाडवा अनाज मंडी में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के सहायक वैज्ञानिक डा. सुधीर शर्मा ने क्षेत्रीय निदेशक डा. मेहर चंद की देखरेख में तथा कुलपति डा. बलदेव राज काम्बोज के मार्गदर्शन में गन्ने की अगैती सीओएच 191 नई वैरायटी तैयार की है। इस नई वैरायटी को कृषि विकास मेले में रखा गया है। इस वैरायटी को देखकर किसान गदगद हो रहे है। इस क्षेत्र के किसानों को गन्ने की नई वैरायटी के बारे में जानने का एक अवसर भी मिला है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी गन्ने की नई वैरायटी के बारे में विस्तार से जानकारी लेने के उपरांत कृषि वैज्ञानिकों की प्रशंसा भी की है।
क्षेत्रीय निदेशक डा. मेहरचंद व शोधकर्ता सहायक वैज्ञानिक डा. सुधीर शर्मा ने विशेष बातचीत करते हुए कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सपनों को साकार करने के लिए विश्वविद्यालय की तरफ से गन्ने की नई अगैती वैरायटी सीओएच 191 तैयार की है। गन्ने की यह नई किस्म हरियाणा में सबसे ज्यादा उगाई जानी वाली गन्ने की 238 किस्म से भी ज्यादा अच्छी और फायदेमंद है। इस नई वैरायटी की औसतन उपज एक एकड़ में 550 से 600 क्विंटल आएगी और किसान अच्छी देखभाल कर एक एकड़ में इस किस्म से 700 क्विंटल उपज ले सकता है। इस वैरायटी की यह खास बात है कि अच्छे तरीके से बीज लगाने के बाद इस वैरायटी का गन्ना बरसात व हवा में गिरेगा नहीं।
उन्होंने कहा कि इस गन्ने से बनने वाली चीनी में भी एक से दो प्रतिशत का इजाफा होगा। इस वैरायटी को किसानों तक पहुंचाने का काम जल्द शुरू किया जाएगा, हालांकि इस बीज के परिणाम जानने के लिए अब प्रदेश के लगभग 250 किसानों को बीज वितरित किया जा चुका है। इस किस्म में यह भी खास बात है कि जहां पहले फसलों में 3 बार स्प्रे करना पड़ता था। इस फसल में केवल एक बार ही स्प्रे करना पडेगा। इस वैरायटी में रोग भी नहीं लगते। इस उपज को लगाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते है। इससे पानी की भी बचत होगी और लाल सड़न जैसे रोगों से भी मुक्ति मिलेगी। इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डा. कर्मचंद, सहायक कृषि अभियंता राजेश वर्मा उपस्थित थे।




