
कोंडागांव, 16 अप्रैल 2026/ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अविनाश भोई के निर्देशानुसार तथा जिला मिशन प्रबंधक (एनआरएलएम) श्री विनय सिंह के मार्गदर्शन में विकासखंड कोंडागांव के सूर्याेदय महिला क्लस्टर संगठन, चिपावंड के अंतर्गत 10 ग्राम पंचायतों की लगभग 1000 महिला किसानों का चयन किया गया है। इन किसानों को आजीविका सेवा केंद्र (LSC) के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
इस पहल के अंतर्गत मुख्य रूप से उन्नत तकनीकों के माध्यम से मक्का उत्पादन, सब्जी उत्पादन एवं मुर्गी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही समय-समय पर कृषि विभाग एवं पशुपालन विभाग द्वारा प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।
आजीविका सेवा केंद्र के माध्यम से ड्रिप, मल्चिंग, स्प्रेयर, लेटरल पाइप, नवधारी रस्सी, धागा, सब्जी बीज, धान बीज, मक्का बीज एवं कृषि उपकरण बाजार मूल्य से कम दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक कुल 413 आईएफसी महिला किसान लखपति बन चुके हैं।
वर्तमान में आजीविका सेवा केंद्र के माध्यम से ब्रूडिंग सेंटर संचालन हेतु तीन उद्यमियों को तैयार किया गया है। प्रथम चरण में 5500 चूजों का ब्रूडिंग कर 291 किसानों को विक्रय किया गया, जिससे प्रत्येक उद्यमी को 4 रुपए प्रति चूज़ा की दर से भुगतान कर आजीविका सेवा केंद्र को 13 हजार 600 रुपए का शुद्ध लाभ हुआ है। इसके अतिरिक्त उड़ान महिला कृषक उत्पादक कंपनी के माध्यम से कुल 709 पैकेट की खरीदी की गई, जिसकी राशि 9,52,710 रुपये रही। आजीविका सेवा केंद्र द्वारा 601 महिला किसानों को 10,11,900 रुपये का मक्का बीज विक्रय किया गया, जिससे केंद्र को कुल 59,190 रुपये का लाभ प्राप्त हुआ। इसमें से कृषि सखियों द्वारा अपने-अपने गांवों से मक्का बीज की मांग लाने पर उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप 1.5 प्रतिशत (15,178 रुपये) की राशि प्रदान की गई।
खरीफ सीजन के लिए आजीविका सेवा केंद्र द्वारा लगभग 1200 किसानों एवं स्व सहायता समूह के सदस्यों को सब्जी बीज, मक्का बीज एवं धान बीज उपलब्ध कराने हेतु 22 लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसमें कुल राशि का 3 प्रतिशत केंद्र को लाभ के रूप में प्राप्त होगा।
यह पहल जिले में महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने एवं उनकी आय में वृद्धि करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।


